जीतू पटवारी ने तल्ख लहजे में कलेक्टर से कहा कि कलेक्टर साहब, पटवारी बोल रहा हूँ। यह मंडी तीन-चार दिन से बंद है और भीषण गर्मी में किसान यहाँ पाँच-पाँच दिन से परेशान होकर पड़े हैं। आप मौके पर आइए। इस मौके पर जीतू पटवारी ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा ने चुनाव के समय गेहूं का समर्थन मूल्य 2700 रुपए प्रति क्विंटल करने का वादा किया था, लेकिन आज किसान अपना अनाज ओने-पौने दाम पर बेचने को मजबूर है। पटवारी ने चेतावनी दी कि यदि किसानों को उनकी फसल का दाम नहीं मिला और खरीदी व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई, तो पूरी प्रदेश की मंडियों में कामकाज ठप कर दिया जाएगा। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बारदाने की कमी का बहाना बनाकर सरकार जानबूझकर देरी कर रही है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।
सागर में प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना था कि शासन द्वारा आज से गेहूं खरीदी शुरू किए जाने की घोषणा की गई थी. किसान अपनी उपज लेकर मंडी पहुंच गए, लेकिन हम्मालों की हड़ताल के कारण तुलाई कार्य शुरू नहीं हो सका। इसके चलते मंडी में गेहूं की ढेरियां लग गई हैं और फसल खुले में पड़ी होने से उसके खराब होने का खतरा बढ़ता जा रहा है.।किसानों ने कहा कि यदि जल्द खरीदी शुरू नहीं हुई तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।