केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी का इंतजार थोड़ा और लंबा हो गया है। हाल ही में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक के बाद उम्मीद थी कि डीए हाइक पर मुहर लग जाएगी, लेकिन फिलहाल इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया। इसका मतलब यह है कि फिलहाल कर्मचारियों का डीए 58% के पुराने स्तर पर ही टिका हुआ है। इस खबर ने उन लोगों को थोड़ा मायूस जरूर किया है जो नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत में बढ़ी हुई सैलरी की उम्मीद लगाए बैठे थे।
आखिर क्यों लटक गया डीए का फैसला?आमतौर पर जनवरी से लागू होने वाले डीए हाइक का ऐलान मार्च के आखिर तक हो जाता है, लेकिन इस बार अप्रैल का महीना शुरू होने के बावजूद घोषणा नहीं हुई। एक्सपर्ट्स की मानें तो यह देरी किसी नई नीति की वजह से नहीं, बल्कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं (प्रोसीजर) के कारण हो रही है। बताया जा रहा है कि डीए अब 60% के जादुई आंकड़े के करीब पहुंच रहा है, इसलिए सरकार इस बार फाइनेंशियल कैलकुलेशन बहुत बारीकी से कर रही है। इसके अलावा, 1 जनवरी 2026 से लागू होने वाले 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के बदलावों के साथ तालमेल बिठाना भी इस देरी की एक बड़ी वजह है।
क्या पहली बार हुई है इतनी देरी?सरकारी गलियारों में यह चर्चा है कि क्या इतनी देरी असामान्य है? विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा कम ही होता है, लेकिन जब भी नए वेतन आयोग के लागू होने का समय नजदीक आता है, तो इस तरह की देरी पहले भी देखी गई है। सरकार संभवतः नए वित्तीय वर्ष (2026-27) के बजट और भुगतान के आंकड़ों को एक साथ एडजस्ट करना चाहती है, ताकि आगे चलकर कोई तकनीकी दिक्कत न आए।
DA फ्रीज होने की अफवाहों का क्या है सच?सोशल मीडिया पर इन दिनों एक चर्चा जोरों पर है कि क्या सरकार डीए को फ्रीज करने वाली है? हालांकि, कर्मचारियों को डरने की जरूरत नहीं है क्योंकि सरकार की तरफ से ऐसा कोई भी आधिकारिक बयान नहीं आया है। डीए सैलरी का एक अनिवार्य हिस्सा है, जो सीधे तौर पर महंगाई दर (CPI-IW) से जुड़ा होता है। जानकारों का मानना है कि डीए हाइक रुका नहीं है, बस थोड़ा देर से आएगा। अच्छी बात यह है कि जब भी घोषणा होगी, कर्मचारियों को जनवरी 2026 से अब तक का पूरा एरियर (बकाया पैसा) एक साथ मिलेगा।
कितनी बढ़ेगी सैलरी और क्या होगा फायदा?विभिन्न रिपोर्ट्स के संकेत मिल रहे हैं कि इस बार डीए में 2% की बढ़ोतरी तय है। इससे महंगाई भत्ता 58% से बढ़कर 60% हो जाएगा। जैसे ही डीए 60% के स्तर पर पहुंचेगा, बेसिक सैलरी में डीए को मर्ज करने (जोड़ने) की मांग भी तेज हो सकती है। आर्थिक गणना के हिसाब से देखें तो ₹56,100 बेसिक सैलरी वाले कर्मचारी को जनवरी से मार्च तक का करीब ₹6,700 से ₹7,000 के बीच एरियर मिल सकता है।
कर्मचारियों पर क्या पड़ेगा तात्कालिक असर?फिलहाल कर्मचारियों को थोड़ा आर्थिक दबाव महसूस हो सकता है क्योंकि वे 2026 की महंगाई का सामना 2025 वाली सैलरी से कर रहे हैं। हालांकि, जब एक साथ तीन-चार महीनों का एरियर आएगा, तो उस महीने टैक्स का बोझ थोड़ा बढ़ सकता है और एचआरए (HRA) व पीएफ (PF) जैसे फायदों के कैलकुलेशन पर भी थोड़ा असर पड़ेगा। कुल मिलाकर, राहत की बात यही है कि डीए हाइक फ्रीज नहीं हुआ है और जल्द ही सरकार की ओर से इसकी आधिकारिक घोषणा की जा सकती है।