पंचकूला नगर निगम के 160 करोड़ रुपए के एफडी घोटाले में कोटक महिंद्रा बैंक के वाइस प्रेसिडेंट पुष्पेंद्र ने एसीबी के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। इस पूरे ऑपरेशन में आधिकारिक मुहरों और वरिष्ठ अधिकारियों के हस्ताक्षरों तक को कथित रूप से फर्जी बनाया गया। जांच एजेंसी का कहना है कि यह एक जटिल और बहु-स्तरीय धोखाधड़ी है, और इसमें अन्य सह-आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
आरोप है कि पुष्पेंद्र ने अपने साथियों के साथ मिलकर नगर निगम पंचकूला की लगभग 160 करोड़ रुपए की एफडी को फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर करवा दिया। इसके बाद इस रकम को अलग-अलग बिल्डरों और अन्य लोगों को ऊंचे ब्याज पर उधार दिया गया। बताया जा रहा है कि वह 3 से 5 प्रतिशत तक ब्याज वसूलता था।
एफआईआर के अनुसार, नगर निगम पंचकूला के 16 फिक्स्ड डिपॉजिट, जिनकी कुल राशि 145.03 करोड़ रुपए थी, इस घोटाले का आधार बने। पूर्व सीनियर अकाउंट्स ऑफिसर विकास कौशिक पर आरोप है कि उन्होंने पुष्पेंद्र सिंह के साथ मिलकर फर्जी खाते खोले और असली खातों से पैसे ट्रांसफर कर दिए।
जांच एजेंसियों का दावा है कि गबन की रकम का बड़ा हिस्सा लग्ज़री जीवनशैली पर खर्च किया गया। जांच में पता चला है कि घोटाले से मिले रुपए से एक रैंगलर रुबिकॉन, एक मर्सिडीज जीएलएस और एक हार्ले-डेविडसन मोटरसाइकिल खरीदी गई। एजेंसी अब इन संपत्तियों को बरामद करने का प्रयास कर रही है।
अब तक इन लोगों की गिरफ्तारीइस मामले में अब तक कोटक महिंद्रा बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर दिलीप राघव, नगर निगम के पूर्व सीनियर अकाउंट ऑफिसर विकास कौशिक, रजत धारा, स्वाति तोमर समेत कई लोगों को हिरासत में लिया गया है।
edited by : Nrapendra Gupta