सीजफायर को झटका! ईरान ने अमेरिका से बातचीत से किया इनकार, कहा- लेबनान में हमले रुकने तक कोई डील नहीं
Navjivan Hindi April 10, 2026 10:43 PM

ईरान और अमेरिका के बीच हुए सीजफायर पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। सीजफायर को लेकर पाकिस्तान में होने वाली बातचीत से एक दिन पहले ईरान ने अमेरिका से बातचीत से इनकार कर दिया है और कहा है कि जब तक लेबनान में सीजफायर लागू नहीं हो जाता तब तक कोई समझौता नहीं होगा।

इससे पहले 7 अप्रैल को अमेरिका और ईरान 2 सप्ताह के सीजफायर पर सहमत हुए थे। यह भी तय हुआ था कि दोनों देशों के नेता पाकिस्तान में मीटिंग के लिए मिलेंगे। बातचीत शनिवार को इस्लामाबाद में होनी है। इसके लिए अमेरिकी और ईरानी डेलिगेशन आज इस्लामाबाद पहुंचेगा।

बातचीत के लिए पाकिस्तान में तैयारी जारी

इधर पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर को लेकर बातचीत के लिए तैयारी पूरे जोरशोर से जारी है। अमेरिकी वेबसाइट वॉल स्ट्रीट जनरल ने एक खबर में दावा किया कि बातचीत के लिए ईरानी डेलिगेशन गुरुवार शाम पाकिस्तान पहुंच गया है। इसमें संसद अध्यक्ष गालिबाफ और विदेश मंत्री अराघची शामिल हैं। हालांकि ईरान के फार्स न्यूज ने इसे फेक करार दिया है।

इजरायल का लेबनान में अभियान जारी

उधर इजरायल ने लेबनान में अपना अभियान जारी रखा हुआ है। इजराइली सेना के प्रवक्ता अविचाय अद्रई ने आरोप लगाया है कि हिजबुल्लाह एंबुलेंस का इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि इजराइल अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत किसी भी सैन्य गतिविधि के खिलाफ कार्रवाई करेगा, जिसमें एंबुलेंस और मेडिकल सुविधाओं का इस्तेमाल भी शामिल है। हालांकि, इजरायली सेना ने अपने इस दावे के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया है।

लेबनान के प्रधानमंत्री वॉशिंगटन जाएंगे

इजरायल के लगातार ताबड़तोड़ हमलों के बीच लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम जल्द ही अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी का दौरा करेंगे और सीधी बातचीत की मांग करेंगे। सीएनएन के अनुसार सलाम अगले हफ्ते अमेरिका जा सकते हैं। सीजफायर के बावजूद इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्लाह के कथित ठिकानों पर हमले जारी रखे। बुधवार को हुए बड़े हमलों में कम से कम 300 लोगों की मौत हुई।

यूएई अपने अंतरराष्ट्रीय रिश्तों की समीक्षा करेगा

इस बीच ईरान के हालिया हमलों के बाद संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने अब अपने अंतरराष्ट्रीय रिश्तों की समीक्षा करने का ऐलान किया है। साथ ही यह तय करेगा कि किन देशों पर आगे भरोसा किया जा सकता है। यूएई के राष्ट्रपति के कूटनीतिक सलाहकार अनवर गर्गश ने कहा कि देश अपने क्षेत्रीय और वैश्विक रिश्तों को नए सिरे से परखेगा। इसमें खास तौर पर यह देखा जाएगा कि मुश्किल समय में कौन सा देश भरोसे के लायक है।

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