कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को बड़ी राहत मिली है. तेलंगाना उच्च न्यायालय ने शुक्रवार (10 अप्रैल) को उनको एक सप्ताह के लिए अग्रिम जमानत दे दी है. यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुयान शर्मा द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें उनके खिलाफ कथित तौर पर मानहानिकारक और दुर्भावनापूर्ण आरोप लगाने के लिए दर्ज किया गया था. उन्होंने असम पुलिस के उनके खिलाफ दर्ज मामले में गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा की मांग की थी.
लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस के. सुजाना ने फैसला देते हुए कहा, 'याचिकाकर्ता को संबंधित कोर्ट में आवेदन दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया जाता है. याचिकाकर्ता को एक सप्ताह की राहत कुछ शर्तों के तहत दी जाती है.' तेलंगाना हाई कोर्ट ने गुरुवार (9 अप्रैल) को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की उस याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था. खेड़ा की ओर से पेश वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत में दलील दीं. असम पुलिस की ओर से पेश होते हुए असम के एडवोकेट जनरल देवजीत सैकिया ने हैदराबाद में अग्रिम जमानत याचिका की स्वीकार्यता को चुनौती दी थी.
असम पुलिस ने पवन खेड़ा के खिलाफ मानहानि, जालसाजी और आपराधिक साजिश के कथित मामले में गुवाहाटी क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया है. उनके खिलाफ यह केस तब दर्ज किया गया, जब उन्होंने दावा किया कि रिंकी भुइयां के पास कई विदेशी पासपोर्ट और विदेशों में अघोषित संपत्तियां हैं. असम पुलिस की एक टीम ने मंगलवार को दिल्ली स्थित पवन खेड़ा के घर पहुंची थी. हालांकि, उस वक्त खेड़ा वहां मौजूद नहीं थे.
मुख्यमंत्री सरमा की पत्नी पर सनसनीखेज आरोप लगाने के बाद से ही यह कांग्रेस नेता असम पुलिस की नजर में हैं. उन पर BNS की 14 धाराओं के तहत केस भी दर्ज किया गया है, जिनमें मानहानि, जालसाजी और आपराधिक साजिश शामिल हैं. यह विवाद रविवार को पवन खेड़ा की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने दावा किया कि रिंकी भुइयां सरमा के पास तीन पासपोर्ट, दुबई में अघोषित आलीशान संपत्तियां हैं और अमेरिका में शेल कंपनियां भी हैं.
प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद से पवन खेड़ा लापता हैं. बुधवार को उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री अपनी ताकत दिखाने और पुलिस के पीछे छिपने के बजाय अपने और अपनी पत्नी पर लगे गंभीर आरोपों का जवाब दें. एक वीडियो बयान में उन्होंने कहा, 'वह ऐसी चालों से डरने वाले नहीं हैं और सवाल पूछते रहेंगे. कांग्रेस ने अपने एक्स अकाउंट पर पवन खेड़ा का वीडियो बयान शेयर किया, जो कथित तौर पर किसी अज्ञात जगह से रिकॉर्ड किया गया था. इस वीडियो में वह असम के मुख्यमंत्री से कहते हैं, गंभीर आरोपों पर सफाई देने के बजाय, आपने अपनी पुलिस को पीछे लगा दिया है। लेकिन, हम, राहुल गांधी के सिपाही, डरने वाले नहीं हैं."