इस्लामाबाद में इधर जंग रोकने पर बड़ी बैठक, उधर भारत और अमेरिका के बीच हो गई बड़ी डील, जानें क्या है
विशाल पाण्डेय April 11, 2026 04:12 AM

पाकिस्तान में ईरान-यूएस के बीच होने वाली शांति को बातचीत से पहले भारत और अमेरिका के बीच बड़ी बैठक हुई है. दोनों देशों ने अपने रणनीतिक जुड़ाव को बढ़ाया है. विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो के साथ एक अहम मीटिंग की, जिसमें द्विपक्षीय संबंध, खासकर व्यापार, जरूरी मिनरल्स, रक्षा और क्वाड पर चर्चा हुई. साथ ही एआई और जरूरी मिनरल्स सहित बड़े आर्थिक और तकनीकी एंगेजमेंट पर सहमति बनी है.

अगले महीने भारत आ सकते हैं रुबियो

भारतीय दूतावास ने कहा कि अपने मौजूदा दौरे के दौरान मिसरी ने विदेश सचिव मार्को रुबियो से मुलाकात की और आगे कहा, 'हम इन जरूरी क्षेत्रों में अपने जुड़ाव को और मजबूत करने और भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए और भी बहुत कुछ करने की उम्मीद करते हैं.' भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इस बातचीत को प्रोडक्टिव मीटिंग बताया. गोर ने कहा,'विदेश सचिव रुबियो अगले महीने भारत आने का इंतजार कर रहे हैं.' यह एक संभावित हाई-लेवल दौरे का संकेत देता है.

आतंकवाद के विरोध और क्षेत्रीय सुरक्षा पर बातचीत

विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने अमेरिकी जांच एजेंसी FBI के डायरेक्टर काश पटेल समेत सीनियर अमेरिकी अधिकारियों के साथ अलग-अलग बातचीत की. इस मीटिंग का मुख्य मुद्दा रक्षा, आतंकवाद का विरोध और क्षेत्रीय सुरक्षा रहा. भारतीय दूतावास ने कहा, 'दोनों ने आतंकवाद, सुनियोजित अपराध और नारकोटिक्स से निपटने में भारत-अमेरिका के मजबूत सहयोग पर विचार साझा किए हैं.' यह मीटिंग पारंपरिक रक्षा संबंधों के साथ-साथ कानून लागू करने और अंदरूनी सुरक्षा के मुद्दों पर दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग पर जोर देती है. '

क्षेत्रीय और वैश्विक विकास पर हुई बात

मिसरी ने उपसचिव क्रिस्टोफर लैंडौ के साथ भी बातचीत की और क्षेत्रीय और वैश्विक विकास पर भी विचार शेयर किए. बयान में कहा गया, 'नेताओं ने दोनों देशों के बीच करीबी साझेदारी को फिर से सुनिश्चित किया और फारस की खाड़ी के हालात और दूसरी वैश्विक और क्षेत्रीय प्राथमिकताओं के बारे में जानकारी साझा की. क्षेत्रीय विकास खासकर पश्चिम एशिया में मीटिंग्स में खास तौर पर शामिल रहे, जिसमें दोनों पक्षों ने चल रहे भू-राजनीतिक तनाव के बीच विचार साझा किए.'

मिसरी ने राजनीतिक मामलों के अवर सचिव एलिसन हुकर से भी मुलाकात की, जहां दोनों पक्षों ने पिछले साल दिसंबर में हुए फॉरेन ऑफिस कंसल्टेशन्स के बाद से भारत-अमेरिका द्विपक्षीय एजेंडे का जायजा लिया.'भारतीय दूतावास ने कहा कि उन्होंने 'पश्चिम एशिया में हाल के विकास के साथ-साथ आपसी फायदे के क्षेत्रीय मुद्दों पर अपने विचार शेयर किए.' इस दौरान आर्थिक और तकनीकी सहयोग पर भी फोकस रहा. आर्थिक मामलों के अवर सचिव जैकब हेलबर्ग के साथ बातचीत में, दोनों पक्ष सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए. 

भारत-यूएस संबंधों पर चर्चा

दूतावास ने कहा, 'वे पैक्स सिलिका के तहत सहयोग को आगे बढ़ाने और एआई और जरूरी मिनरल्स सहित बड़े आर्थिक और तकनीकी एंगेजमेंट पर सहमत हुए.' आधिकारिक बैठकों के अलावा मिसरी ने वॉशिंगटन की स्ट्रेटेजिक कम्युनिटी के साथ बातचीत की और थिंक टैंक के साथ भारत-यूएस के आपसी संबंधों की मौजूदा हालत और भविष्य की दिशा पर चर्चा की. इन चर्चाओं में तेजी से बदलते वर्ल्ड ऑर्डर में मिलने वाले मौकों और आने वाली चुनौतियों के साथ-साथ एनर्जी, खाने और आर्थिक सुरक्षा के लिए ग्लोबल डेवलपमेंट के असर पर भी बात हुई.

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