Strait of Hormuz crisis : अमेरिका और इजराइल से जंग के बीच स्ट्रेट ऑफ हार्मुज पर ईरान का पूरा नियंत्रण नजर आ रहा है। लेबनान को भी सीजफायर में शामिल करने की मांग करते हुए ईरान ने हार्मुज से जहाजों की आवाजाही रोक दी है। इस बीच न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में दावा किया कि हार्मुज ने माइंस का जाल बिछाकर ईरान भूल गया है। ALSO READ: Strait Of Hormuz पर जहाजों से 20 लाख डॉलर की वसूली, क्या भारत भी दे रहा टोल, आगे क्या है ईरान का प्लान
पिछले महीने अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद ईरान ने छोटे-छोटे नौकाओं के जरिए होरमुज में बारूदी सुरंगें बिछानी शुरू की थीं। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान को खुद यह ठीक से पता नहीं है कि उसने किन-किन इलाकों में सुरंगें बिछाई थीं। इसी वजह है कि होर्मुज को पूरी तरह फिर से खोलने में देरी हो रही है।
गौरतलब है कि 2 मार्च को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जलडमरूमध्य को बंद घोषित कर दिया था और चेतावनी दी थी कि यहां से गुजरने वाले जहाजों को ‘आग के हवाले' किया जा सकता है।
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि सुरंग अव्यवस्थित तरीके से बिछाई गई थी। समुद्री लहरों की वजह से ये माइंस अपना स्थान छोड़ भी सकती है। हो सकता है कि ईरान के पास इनका रिकॉर्ड भी ना हो। इस वजह से इन्हें ढ़ूंढना और हटाना बेहद मुश्किल हो गया है।
ईरान ने खोला संकरा रास्तारिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान ने सिर्फ एक संकरा रास्ता खुला रखा है, जहां से टोल देने वाले जहाजों को गुजरने की इजाजत दी जा रही है। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने जहाजों को बारूदी सुरंगों के खतरे को लेकर चेतावनी भी दी है।
ट्रंप का दबावअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर दबाव बढ़ाते हुए कहा है कि किसी भी संभावित दो हफ्ते के युद्धविराम के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य का 'पूरी तरह, तुरंत और सुरक्षित' खुलना जरूरी है। उन्होंने हार्मुज स्ट्रेट पर किसी भी तरह के टोल का विरोध किया है।
edited by : Nrapendra Gupta