ट्रंप के सीजफायर के बाद क्या आपके शहर में सस्ता हुआ पेट्रोल-डीजल, यहां देखें फ्रेश रेट
TV9 Bharatvarsh April 12, 2026 11:42 AM

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा वॉर सीजफायर के दौर से गुलर रहा है. अमेरिका और ईरान के लीडर्स पाकिस्तान में शांति वार्ता में जुटे हुए हैं. जब से ट्रंप ने सीजफायर का ऐलान किया है, उसके बाद से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है. जहां अमेरिकी क्रूड ऑयल के दाम 96.57 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए हैं. जबकि खाड़ी देशों का कच्चा तेल 95.20 डॉलर प्रति बैरल पर देखने को मिल रहा है. वैसे कच्चे तेल की कीमतें अभी भी प्री वॉर लेवल से 20 से 25 डॉलर प्रति बैरल ज्यादा देखने को मिल रही है.

वैसे सीजफायर और उसके बाद शांति वार्ता शुरू होने के बाद बाजार को उम्मीदें है कि जल्द ही पूरा मामला सुलट जाएगा और कच्चे तेल की कीमतें एक बार फिर से नीचे आएंगी. लेकिन क्या आपको पता है कि आपके शहर में पेट्रोल और डीजल के बाद कितने हो गए हैं? क्या आपको जानकारी है कि हाल ही में 10 से 15 डॉलर प्रति बैरल की गिरावट के बाद आपके शहरों में कच्चे तेल की कीमतें कितनी हो गई हैं?

आईओसीएल के आंकड़ों को देखें तो 12 अप्रैल यानी ​रविवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है. ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) हर दिन सुबह 6 बजे फ्यूल की कीमतों को अपडेट करती हैं. कीमतों को ग्लोबल कच्चे तेल की कीमतों और करेंसी एक्सचेंज रेट में होने वाले बदलावों के हिसाब से तय किया जाता है.

कीमतों में रोज़ाना बदलाव करने का यह तरीका पारदर्शिता को बढ़ावा देने और यह पक्का करने के लिए बनाया गया है कि उपभोक्ताओं को रिटेल फ्यूल की कीमतों के बारे में सबसे फ्रेश जानकारी मिले. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय तेल बाजारों में उतार-चढ़ाव के बावजूद, भारत सरकार ने संकेत दिया है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें अभी स्थिर रहने की उम्मीद है. ऑयल मार्केटिंग कंपनियां कीमतों में होने वाले अचानक बदलावों का कुछ हिस्सा खुद वहन करेंगी, ताकि उपभोक्ताओं को कीमतों में अचानक बढ़ोतरी का झटका न लगे.

मिडिल ईस्ट में टेंशन के बीच कच्चे तेल में उथल-पुथल

मिडिल ईस्ट में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष के कारण हाल के दिनों में इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें काफी अस्थिर रही हैं. इस संकट ने होर्मुज स्ट्रेट से होने वाली तेल की शिपमेंट में संभावित रुकावटों को लेकर चिंताएं बढ़ा दी है. यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण एनर्जी रूट है जिससे होकर ग्लोबल ऑयल सप्लाई का लगभग 20 फीसदी हिस्सा गुजरता है. ग्लोबल एनर्जी मार्केट्स में इस उथल-पुथल के बावजूद, भारतीय अधिकारियों ने संकेत दिया है कि निकट भविष्य में पेट्रोल और डीजल की रिटेल कीमतें स्थिर रहेंगी. इससे उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और साथ ही महंगाई के दबाव को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी.

भारत में पेट्रोल, डीजल की कीमतें
शहर पेट्रोल (रुपए प्रति लीटर) डीजल (रुपए प्रति लीटर)
नई दिल्ली 94.77 87.67
मुंबई 103.54 90.03
कोलकाता 105.45 92.02
चेन्नई 101.06 92.61
अहमदाबाद 94.84 90.51
बेंगलुरु 102.92 90.99
हैदराबाद 107.50 95.70
जयपुर 104.86 90.34
लखनऊ 94.84 87.98
पुणे 104.36 90.88
चंडीगढ़ 94.30 82.45
इंदौर 106.55 91.94
पटना 105.54 91.78
सूरत 94.32 90.01
नाशिक 104-76 91.27
सोर्स: आईओसीएल
शहरों के हिसाब से फ्यूल की कीमतें अलग-अलग क्यों होती हैं?

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें मई 2022 से अपरिवर्तित बनी हुई हैं, जब केंद्र सरकार और कई राज्य सरकारों ने टैक्स में कटौती की थी. हालांकि, तकनीकी रूप से फ्यूल की कीमतें ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों से जुड़ी होती हैं, लेकिन वे कई नियामक और आर्थिक कारकों से भी प्रभावित होती हैं, जिनमें टैक्स और एक्सचेंज रेट्स शामिल हैं.

विंडफॉल टैक्स में इजाफा

सरकार ने शनिवार को डीजल के निर्यात शुल्क या अप्रत्याशित लाभ कर को बढ़ाकर 55.5 रुपए प्रति लीटर कर दिया है. विमान ईंधन (एटीएफ) के लिए यह दर अब 42 रुपए प्रति लीटर होगी. वित्त मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा कि शुल्क में यह बढ़ोतरी तत्काल प्रभाव से लागू होगी. इससे पहले 26 मार्च को सरकार ने डीजल पर 21.50 रुपए प्रति लीटर और एटीएफ पर 29.5 रुपए प्रति लीटर का निर्यात शुल्क लगाया था. पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता बढ़ाने के लिए ये शुल्क लगाए गए थे. इन शुल्कों का उद्देश्य निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कीमतों के अंतर का अनुचित लाभ उठाने से रोकना है, क्योंकि युद्ध शुरू होने के बाद से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है.

प्रीमियम पेट्रोल की कीमतें बढ़ीं

1 अप्रैल को, इंडियन ऑयल के XP100 पेट्रोल की कीमत में भारी बढ़ोतरी की गई. यह भारत का पहला 100-ऑक्टेन वाला प्रीमियम ईंधन है. इसकी कीमत 11 रुपए प्रति लीटर बढ़ाकर 149 रुपए से 160 रुपए कर दी गई. इस हाई-परफॉर्मेंस ईंधन का इस्तेमाल मुख्य रूप से लग्जरी कारों और सुपरबाइक्स में किया जाता है, जहां हाई ऑक्टेन लेवल इंजन की दक्षता और प्रदर्शन को बेहतर बनाने में मदद करते हैं. प्रीमियम डीजल वैरिएंट Xtra Green की कीमतों में भी बदलाव किया गया है. अब यह 92.99 रुपए प्रति लीटर की कीमत पर बिकेगा, जो पहले 91.49 रुपए था.

Nayara और Shell ने बढ़ाई फ्यूल की कीमतें

निजी फ्यूल रिटेलर्स ने कीमतें बढ़ाना शुरू कर दिया है. Nayara Energy के इसी तरह के कदम के बाद, Shell India ने 1 अप्रैल को पेट्रोल और डीजल की दरें बढ़ा दीं, क्योंकि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण उनके मार्जिन पर दबाव पड़ रहा है. बेंगलुरु में पेट्रोल की कीमतें 7.41 रुपए प्रति लीटर बढ़ गई हैं. स्टैंडर्ड वेरिएंट की कीमत अब 119.85 रुपए प्रति लीटर है, जबकि Power वेरिएंट की कीमत 129.85 रुपए है. स्थानीय टैक्स के कारण अलग-अलग शहरों में कीमतें अलग-अलग हो सकती हैं. डीजल की कीमतों में कहीं ज़्यादा तेज़ी से बढ़ोतरी हुई है, जो 25.01 रुपए प्रति लीटर बढ़ गई हैं. रेगुलर वेरिएंट अब 123.52 रुपए में बिक रहा है, जबकि प्रीमियम वेरिएंट की कीमत 133.52 रुपए प्रति लीटर है.

क्या अब रेगुलर फ्यूल की कीमतें भी बढ़ेंगी?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या आने वाले दिनों में रेगुलर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी होगी. फिलहाल, तेल कंपनियां महंगाई की चिंताओं के कारण आम इस्तेमाल वाले फ्यूल की कीमतों में कोई भी बढ़ोतरी करने से बचती दिख रही हैं. हालांकि, ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज़ी से बढ़ोतरी और रुपए के कमज़ोर होने के कारण BPCL, HPCL और IOCL जैसी कंपनियों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है. अगर इंटरनेशनल ऑयल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं, तो तेल कंपनियों के लिए नुकसान उठाना मुश्किल हो सकता है, और रेगुलर फ्यूल की कीमतों में बदलाव की संभावना बढ़ती जा रही है.

कौन से फैक्टर फ्यूल की कीमतों को करते हैं प्रभावित?
  • कच्चे तेल की कीमतें: ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतें पेट्रोल और डीजल की दरों का मुख्य आधार होती हैं, क्योंकि कच्चा तेल ही इन फ्यूल को बनाने में इस्तेमाल होने वाला मुख्य कच्चा माल है.
  • एक्सचेंज रेट: भारत अपने कच्चे तेल का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है. इसलिए, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपए का मूल्य फ्यूल की कीमतें तय करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. कमज़ोर रुपए से आमतौर पर आयात की लागत बढ़ जाती है.
  • टैक्स: पेट्रोल और डीजल की रिटेल कीमत का एक बड़ा हिस्सा केंद्रीय उत्पाद शुल्क और राज्य-स्तरीय VAT से बना होता है, जो अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग होता है और जिसके कारण अलग-अलग शहरों में फ्यूल की कीमतों में अंतर होता है. रिफाइनिंग की लागत: कच्चे तेल को पेट्रोल और डीजल में बदलने की लागत भी खुदरा कीमतों पर असर डालती है. ये लागतें रिफाइनरी की कार्यक्षमता और इस्तेमाल किए गए कच्चे तेल के प्रकार पर निर्भर करती हैं.
  • मांग और सप्लाई के समीकरण: फ्यूल की मांग और आपूर्ति की स्थितियों में बदलाव भी घरेलू बाजारों में कीमतों के रुझान को प्रभावित कर सकता है.
  • SMS के जरिए पेट्रोल और डीजल की कीमतें कैसे जानें

    उपभोक्ता SMS के जरिए अपने शहर में फ्यूल की ताजा कीमतें भी जान सकते हैं.

    इंडियन ऑयल के ग्राहक: अपने शहर का कोड और उसके बाद RSP लिखकर 9224992249 पर भेजें.

    BPCL के ग्राहक: RSP लिखकर 9223112222 पर भेजें.

    HPCL के ग्राहक: HP Price लिखकर 9222201122 पर भेजें.

    ये सेवाएं कंज्यूमर्स को पेट्रोल पंप पर जाए बिना ही पेट्रोल और डीजल की ताजा दरें तुरंत जानने की सुविधा देती हैं.

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