News India Live, Digital Desk : भाजपा सांसद कंगना रनौत और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। हाल ही में राहुल गांधी पर दिए गए अपने बयानों को लेकर कंगना ने अब खुलकर सफाई दी है। एएनआई (ANI) को दिए एक विशेष इंटरव्यू में कंगना ने राहुल गांधी के संसदीय आचरण पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष के नेता का व्यवहार उस गरिमा के अनुरूप नहीं है, जिसकी देश अपेक्षा करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी का अपमान नहीं करना चाहतीं, लेकिन किसी को जबरन 'महिमामंडित' करने में भी उनका विश्वास नहीं है।'टपोरी' शब्द पर सफाई: शिष्टाचार की कमी को बताया वजहअपने चर्चित 'टपोरी' वाले बयान की व्याख्या करते हुए कंगना ने कहा कि मुंबई की भाषा में इस शब्द का इस्तेमाल उन लोगों के लिए किया जाता है, जो शिष्टाचार और मर्यादा का पालन नहीं करते। उन्होंने सवाल उठाया, "मैं सभी का सम्मान करती हूं, लेकिन जिसके वह हकदार नहीं हैं, मैं वह ताज उनके सिर पर क्यों पहनाऊं? क्या हम संसद में विपक्ष का यही स्तर स्थापित करना चाहते हैं? चाहे संसद के भीतर हो या बाहर, इस तरह का व्यवहार क्या शोभा देता है?"संसद में 'जिउ-जित्सु' की उपमा पर आपत्ति: "महिलाएं हुईं असहज"कंगना रनौत ने राहुल गांधी द्वारा संसद में मार्शल आर्ट्स (जिउ-जित्सु) का जिक्र करने और उस दौरान उनके हाव-भाव पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि संबोधन के दौरान राहुल गांधी जिस तरह शरीर के अंगों की उपमा दे रहे थे, उससे सदन में मौजूद कई महिला सांसद बेहद असहज महसूस कर रही थीं। कंगना के अनुसार, "हो सकता है कि उनके मन में कोई दोहरा अर्थ (Double Meaning) न हो, लेकिन सदन में कुश्ती के दांव-पेंच सिखाने का कोई तुक नहीं है। वह अपनी बात का आधार जिस तरह बना रहे थे, वह सुनने में बहुत अजीब था।"राहुल गांधी बनाम प्रियंका गांधी: व्यवहार की तुलनाकंगना ने राहुल गांधी की तुलना उनकी बहन और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी से करते हुए उन्हें अपनी कार्यशैली में सुधार की सलाह दी। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अक्सर सांसदों और इंटरव्यू देने वालों के साथ 'अकड़ू' जैसा व्यवहार करते हैं। कंगना ने कहा, "राहुल गांधी को अपनी बहन प्रियंका गांधी से सीखना चाहिए, जिनका व्यवहार बहुत अच्छा और शालीन है। राहुल का आचरण कई बार शर्मनाक स्थिति पैदा कर देता है।"प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा: समानता और महिला सशक्तिकरण पर जोरइंटरव्यू के दौरान कंगना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की। उन्होंने पीएम मोदी को समानता का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनकी सोच ही 'महिला आरक्षण बिल' जैसी ऐतिहासिक पहल का आधार है। कंगना के मुताबिक, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ही महिलाओं को संसद में अधिक प्रतिनिधित्व और सम्मान मिल रहा है, जो भारतीय लोकतंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।