पाकिस्तान में जिस शख्स को मुर्दा समझ कर दफनाया, वो 17 दिन बाद कब्र से लौटा जिंदा
TV9 Bharatvarsh April 17, 2026 02:43 PM

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वाह प्रांत में 17 दिन बाद कब्र से जिंदा लौटने वाले एक शख्स की खूब चर्चा हो रही है. इस शख्स का नाम है- अब्दुल वहाब. जो पास के ही संगमरमर खादान में एक मजदूर के रूप में काम कर रहे थे. दरअसल, 31 मार्च को खैबर के एक संगमरमर के खादान में हादसा हो गया. इस हादसे में 9 मजदूरों की मौत हो गई. हादसे के बाद जब शवों की पहचान की गई तो एक शव अब्दुल वहाब का भी था, जिसे उसके परिवार को सौंप दिया गया.

बीबीसी पश्तो के मुताबिक परिवार ने शव को पास के ही एक कब्रिस्तान में दफना दिया. अंतिम प्रक्रिया के बाद पूरा परिवार अभी गमगीन ही था कि 17 दिन बाद वहाब खुद घर लौट आया. इसे देखकर आसपास के लोग भी हैरान रह गए. पूरे इलाके में वहाब की चर्चा हो रही है.

जांच में जुटी स्थानीय पुलिस

वहाब के घर आने के बाद सवाल उठ रहा है कि उसके परिवार ने कब्र में जिस शव को दफनाया, वो आखिर किसका था? इतना ही नहीं, वहाब आखिर 17 दिन तक कहां था? और वो घर कैसे पहुंचा? क्या खादान हादसे से उसका कोई ताल्लुकात था?

रिपोर्ट के मुताबिक स्थानीय पुलिस इन्हीं सब सवालों को लेकर जांच शुरू कर दी है. पुलिस पहले यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर पूरा माजरा क्या है और जिस शव को कब्रिस्तान में दफनाया गया था, वो किसका है?

पुलिस के एक अधिकारी ने स्थानीय मीडिया से बात करते हुए कहा- हम इलाके में इस बात को लेकर लोगों से संपर्क कर रहे हैं. जरूरत पड़ने पर डीएनए टेस्ट कराया जाएगा.

कपड़े से हुई थी शव की पहचान

रिपोर्ट के मुताबिक जब यह हादसा हुआ तो खादान में काम करने वाले सभी मजदूर के परिवार वालों को बुलाया गया. इस हादसे में कुल 9 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 3 लोग घायल हुए थे. जब शवों का शिनाख्त किया जा रहा था, तब वहाब के परिवार वालों ने कपड़े से उसकी पहचान की.

परिवार के एक सदस्य ने स्थानीय मीडिया को बताया- वहाब पहले सऊदी में काम करता था. वहां से जब वो लौटा तो यहीं पर खादान में काम करने लगा. उसके शव की पहचान कपड़ों से की गई थी. जो शव था, वो पूरी तरह क्षतिग्रस्त था. इसलिए हम लोग चेहरा नहीं देख पाए.

© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.