राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच समझौता हो जाता है, तो वे पाकिस्तान का दौरा कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच करीब छह हफ्ते से चल रहा संघर्ष खत्म होने के करीब है. ट्रंप के मुताबिक, अगर समझौता इस्लामाबाद में होता है, तो वे वहां जाने के लिए तैयार हैं और पाकिस्तान के लोग उन्हें चाहते हैं. हालांकि पिछले 20 सालों से कोई भी अमेरिकी राष्ट्रपति पाकिस्तान नहीं गया है. इसे पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका माना जाता है.
आखिरी बार साल 2006 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश पाकिस्तान गए थे. यह दौरा खास था क्योंकि इसी समय भारत और अमेरिका के बीच ऐतिहासिक परमाणु डील (सिविल न्यूक्लियर डील) की नींव रखी गई थी. भारत में सफल दौरे और इस समझौते के बाद बुश सिर्फ 24 घंटे के लिए इस्लामाबाद पहुंचे थे. उस समय पाकिस्तान में परवेज मुशर्रफ का शासन था और उन्होंने बुश का स्वागत किया था.
बुश के बाद 3 राष्ट्रपतियों ने कार्यकाल देखाबुश के बाद से अब तक तीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा, डोनाल्ड ट्रंप और जो बाइडेन अपना कार्यकाल देख चुके हैं, लेकिन किसी ने भी पाकिस्तान जाने की जरूरत नहीं समझी. 27 जनवरी 2015 को जब ओबामा ने भारत दौरा खत्म किया, तो NPR रेडियो ऑफ अमेरिका ने टिप्पणी की थी कि पाकिस्तान के लोग अपनी विजिटर्स बुक को देखते रह गए. इससे साफ होता है कि पाकिस्तान में इस बात को लेकर नाराजगी और निराशा थी कि अमेरिकी राष्ट्रपति वहां नहीं जा रहे.
सिर्फ 5 अमेरिकी राष्ट्रपति पहुंचे PAKअब तक सिर्फ पांच अमेरिकी राष्ट्रपति पाकिस्तान के दौरे पर गए हैं. इसके उलट पाकिस्तान के नेता 1947 के बाद से 42 बार अमेरिका का दौरा कर चुके हैं. यानी औसतन हर 14 साल में ही कोई अमेरिकी राष्ट्रपति पाकिस्तान जाता है.
सबसे दिलचस्प बात यह है कि जब-जब कोई अमेरिकी राष्ट्रपति पाकिस्तान गया, वहां अक्सर सैन्य शासन था. सबसे पहले ड्वाइट आइजनहावर साल 1959 में पाकिस्तान गए थे, उस समय जनरल अयूब खान सत्ता में थे. इसके बाद लिंडन जॉनसन 23 दिसंबर 1967 को कराची गए. फिर रिचर्ड निक्सन 1969 में भारत दौरे के बाद पाकिस्तान पहुंचे, जहां उनका स्वागत याहया खान ने लाहौर में किया.
31 साल तक कोई दौरा नहींइसके बाद 31 साल तक कोई अमेरिकी राष्ट्रपति पाकिस्तान नहीं गया. फिर बिल क्लिंटन 25 मार्च 2000 को पाकिस्तान पहुंचे. उस समय वहां राष्ट्रपति रफीक तरार और आर्मी चीफ परवेज मुशर्रफ मौजूद थे. क्लिंटन भी पहले भारत आए थे और फिर पाकिस्तान गए. जिम्मी कार्टर के भारत दौरे (1978) पर पाकिस्तान को उम्मीद थी कि वे वहां जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
इसके अलावा हैरी ट्रूमैन, जॉन एफ कैनेडी, जेराल्ड फोर्ड, रोनाल्ड रीगन, जॉर्ज बुश सीनियर और ओबामा ऐसे राष्ट्रपति रहे, जो अपने कार्यकाल के दौरान पाकिस्तान जाने से बचते रहे. ओबामा ने 2010 और 2015 में भारत का दौरा किया, लेकिन पाकिस्तान नहीं गए. 2016 में व्हाइट हाउस ने कहा था कि जटिल संबंधों के कारण पाकिस्तान दौरा संभव नहीं हो सका और इसका अफसोस है. यानी पाकिस्तान को लंबे समय से अमेरिकी राष्ट्रपति के दौरे का इंतजार है.
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