TCS धर्मांतरण केस: फरार निदा खान की जमानत पर आज सुनवाई, पति हिरासत में; अब ATS भी करेगी जांच
TV9 Bharatvarsh April 18, 2026 03:43 PM

Nashik TCS case: महाराष्ट्र के नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) में जबरन धर्म परिवर्तन और यौन उत्पीड़न के मामले में अब तक सात लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. हालांकि, आरोपी निदा खान अब भी फरार है. गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) के लिए आवेदन किया है, जिस पर आज नासिक अदालत में सुनवाई होगी. इस बीच, उसके पति मोईन खान को हिरासत में लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है. अधिकारियों को उम्मीद है कि इससे आरोपी तक पहुंचने में मदद मिल सकती है.

जांच में सामने आया है कि इस मामले में मुख्य आरोपी तौसिफ अत्तार, जो इगतपुरी का रहने वाला है, पीड़िता को तालुका के एक रिसॉर्ट और लॉज में लेकर गया था. इन स्थानों को भी जांच एजेंसियों ने रडार पर लिया है और जल्द ही संबंधित लोगों से पूछताछ की जा सकती है. अब इस मामले में एटीएस भी जांच में शामिल हो गई है. एटीएस ने नासिक में दो संदिग्धों रजा मेनन और शफी शेख से करीब तीन घंटे तक पूछताछ की है. सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान अंतरराष्ट्रीय कॉल, संभावित फंडिंग और अन्य कनेक्शनों को लेकर कई अहम सवाल किए गए. दिल्ली ब्लास्ट आरोपी से संभावित लिंक की भी जांच की जा रही है.

SC/ST एक्ट समेत कई धाराएं जोड़ी गईं

इस केस में अब SC/ST एक्ट भी जोड़ दिया गया है. जानकारी के अनुसार, एक शिकायतकर्ता महिला अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित है, जिसके चलते दुष्कर्म और अन्य आरोपों के साथ एट्रोसिटी एक्ट लागू किया गया है. इसके अलावा धार्मिक भावनाएं आहत करने से जुड़ी धाराएं भी शामिल की गई हैं. इससे आरोपियों पर कानूनी दबाव और बढ़ गया है.

अब तक इस पूरे मामले में नौ अलग-अलग शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें कई पीड़िताओं ने यौन शोषण के आरोप लगाए हैं. पुलिस का मानना है कि निदा खान इस कथित नेटवर्क की एक अहम कड़ी है और उसकी गिरफ्तारी से पूरे मामले की कई परतें खुल सकती हैं.

कंपनी ने निदा को किया सस्पेंड

निदा खान ने 27 दिसंबर 2021 को TCS जॉइन किया था और वह प्रोसेस एसोसिएट के पद पर कार्यरत थी. मामले के सामने आने के बाद कंपनी प्रबंधन ने उसे निलंबित कर दिया है. कंपनी द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि गंभीर आरोपों और मौजूदा स्थिति को देखते हुए वह अपनी जिम्मेदारियां निभाने में असमर्थ है, इसलिए उसे अस्थायी रूप से सस्पेंड किया जाता है.

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