भारत सरकार ने शेख हसीना के प्रत्यर्पण पर समीक्षा शुरू की
Gyanhigyan April 19, 2026 05:42 AM
शेख हसीना के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया

भारत सरकार ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण के लिए ढाका द्वारा की गई औपचारिक मांग की समीक्षा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह से कानूनी और न्यायिक ढांचे के अंतर्गत चल रही है। 2024 में बांग्लादेश में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान हसीना की सरकार का पतन हुआ था, जिसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देकर भारत में शरण ली थी।


विदेश मंत्रालय की स्थिति

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि प्रत्यर्पण अनुरोध का गहन परीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह मामला न्यायिक और आंतरिक कानूनी प्रक्रियाओं के तहत विचाराधीन है। हम सभी पक्षों के साथ रचनात्मक रूप से जुड़े रहेंगे और घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।


भारत-बांग्लादेश संबंधों को मजबूत करने का प्रयास

जायसवाल ने यह जानकारी उस समय दी है जब भारत जुलाई क्रांति के बाद ढाका में नवगठित सरकार के साथ अपनी साझेदारी को स्थिर करने का प्रयास कर रहा है। भारत बांग्लादेश के साथ अपने संबंधों को मजबूत और स्थिर बनाए रखने के लिए प्रयासरत है।


कानूनी प्रक्रियाओं के तहत जांच

रणधीर जायसवाल ने कहा, 'शेख हसीना के प्रत्यर्पण के संबंध में एक अनुरोध प्राप्त हुआ है, जिसकी हमारी न्यायिक और आंतरिक कानूनी प्रक्रियाओं के तहत जांच की जा रही है। भारत बांग्लादेश के साथ संबंधों को और मजबूत करना चाहता है। जल्द ही दोनों देशों के बीच क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर आधिकारिक चर्चा होने की भी उम्मीद है।'


शेख हसीना की भारत में उपस्थिति

भारत ने 2025 में प्रत्यर्पण अनुरोध प्राप्त करने की बात स्वीकार की थी, लेकिन अब इसकी गहन समीक्षा की जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, जायसवाल ने इस बात पर जोर दिया कि यह प्रक्रिया आंतरिक कानूनी प्रोटोकॉल के अधीन है। अगस्त 2024 में सत्ता से बेदखल होने के बाद से हसीना भारत में ही हैं और उनकी उपस्थिति को लेकर संवेदनशीलता बनी हुई है। इसके बावजूद नई दिल्ली नए प्रशासन के प्रति 'सामान्य कामकाज' का रुख अपना रही है।


द्विपक्षीय रिश्तों की स्थिरता

जयसवाल ने दोनों देशों के बीच चल रही राजनयिक गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए कहा, 'मैं यह भी दोहराना चाहूंगा कि विदेश मंत्री ने नई सरकार के साथ रचनात्मक रूप से बातचीत करने और अमेरिकी मूल्यों को और मजबूत करने की भारत की इच्छा को दोहराया। दोनों पक्ष संबंधित द्विपक्षीय तंत्रों के माध्यम से साझेदारी को गहरा करने के प्रस्तावों पर विचार करने के लिए सहमत हुए हैं।' MEA ने स्पष्ट संकेत दिया है कि नई सरकार के साथ संबंध सामान्य रूप से जारी रहेंगे और किसी एक व्यक्ति के मुद्दे से द्विपक्षीय रिश्तों को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।


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