Satellite Phone: सैटेलाइट फोन एक खास तरह का मोबाइल डिवाइस होता है जो सामान्य नेटवर्क टावर की बजाय सीधे सैटेलाइट से जुड़कर काम करता है. आम स्मार्टफोन जहां नेटवर्क कवरेज पर निर्भर होते हैं वहीं सैटेलाइट फोन दूर-दराज इलाकों जैसे पहाड़, समुद्र, जंगल या आपदा प्रभावित क्षेत्रों में भी आसानी से कॉल और मैसेज की सुविधा देते हैं.
यह डिवाइस पृथ्वी के ऊपर घूम रहे कम्युनिकेशन सैटेलाइट से सिग्नल भेजता और प्राप्त करता है. यही वजह है कि जहां मोबाइल नेटवर्क फेल हो जाता है वहां भी सैटेलाइट फोन काम करता है. इसी कारण इसका इस्तेमाल अक्सर सेना, आपदा राहत एजेंसियों और समुद्री यात्राओं में किया जाता है.
भारत में सैटेलाइट फोन पूरी तरह से बैन नहीं हैं लेकिन इन पर कड़े नियम लागू हैं. बिना सरकारी अनुमति के सैटेलाइट फोन रखना या इस्तेमाल करना गैरकानूनी है. सरकार सुरक्षा कारणों से इन डिवाइस पर सख्त नियंत्रण रखती है क्योंकि इनका इस्तेमाल ट्रैक करना सामान्य मोबाइल की तुलना में ज्यादा मुश्किल होता है. भारत में केवल कुछ ही अधिकृत सेवाएं मान्य हैं जैसे Inmarsat की सेवाएं जिन्हें सरकारी अनुमति के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है.
अगर कोई व्यक्ति बिना अनुमति के सैटेलाइट फोन रखता या इस्तेमाल करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है. यह मामला Indian Telegraph Act 1885 और Indian Wireless Telegraphy Act 1933 के तहत आता है. नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना और जेल दोनों का प्रावधान है.
सैटेलाइट फोन का इस्तेमाल आमतौर पर सरकारी एजेंसियों, रक्षा बलों, आपदा प्रबंधन टीमों और कुछ अधिकृत संस्थाओं को ही दिया जाता है. इसके अलावा कुछ विशेष परिस्थितियों में कंपनियों या व्यक्तियों को भी अनुमति मिल सकती है लेकिन इसके लिए लाइसेंस लेना जरूरी होता है.
अगर आप विदेश यात्रा से लौटते समय सैटेलाइट फोन साथ लाते हैं तो भी आपको नियमों का पालन करना होगा. बिना अनुमति के इसे एयरपोर्ट पर जब्त किया जा सकता है और कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है. सैटेलाइट फोन भले ही तकनीकी रूप से बेहद उपयोगी डिवाइस हो लेकिन भारत में इसे इस्तेमाल करने के लिए नियमों का पालन करना अनिवार्य है. ज्यादातर इस डिवाइस को सुरक्षा कारणों से ही इस्तेमाल करने से रोका जाता है.
SBI ग्राहक सावधान! ये खतरनाक मैसेज मिनटों में खाली कर देगा अकाउंट, ऐसे बचें इस ऑनलाइन स्कैम से