Earth Day: कैसे समुद्र में 1.1 करोड़ लीटर तेल का रिसाव बना लाखों मछलियों का 'काल'? ऐसे पड़ी अर्थ डे की नींव
TV9 Bharatvarsh April 22, 2026 11:42 AM

आज दुनिया पृथ्वी दिवस मना रही है, लेकिन पर्यावरण को संरक्षित रखने के लिए इस दिन की शुरुआत के पीछे ऐसी त्रासदी है जिसने लाखों समुद्री जीवों की जान ले ली. समुद्र को प्रदूषित किया और एक बुरे दौर को जन्म दिया था. वो घटना साल 1969 में घटी. पृथ्वी दिवस की शुरुआत का कारण सांता बारबरा तेल रिसाव की घटना को दिया जाता है. दक्षिणी कैलिफोर्निया में सांता बारबरा शहर के पास तेल का सबसे बड़ा रिसाव हुआ था.

हादसा जनवरी 1969 में हुआ जब एक तेल कंपनी ऑफशोर ड्रिलिंग प्लेटफॉर्म पर समुद्र के नीचे से तेल निकाल रही थी, लेकिन ड्रिलिंग के दौरान तकनीकी लापरवाही से समुद्र की सतह पर दबाव असंतुलित हो गया और तलहटी में दरारें पड़ गईं. दरारों से कच्चा तेल समुद्र में बहने लगा. बहाव ऐसा था जिसे नियंत्रित करना नामुमकिन था.

तेल की त्रासदी

बताया गया कि तेल का रिसाव इतना ज्यादा था कि करीब 1.1 करोड़ लीटर तेल समुद्र में बह गया. रिसाव के कारण समुद्र पर एक मोटी लेयर बन गई. लाखों समुद्री पक्षी, मछलियां और दूसरे जीव मर गए. समुद्र तट काले तेल की चादर से ढक गया. टूरिज्म सेक्टर बुरी तरह प्रभावित हुआ. मछली पकड़ने का व्यवसाय चौपट हो गया.

तेल रिसाव से समुद्री पक्षी ने दम तोड़ा. फोटो: Getty Images

अखबारों में छपी तेल की त्रासदी की तस्वीरों ने लोगों को परेशान कर दिया. मरे हुए पक्षियों की तस्वीरों ने लोगों को विचलित कर दिया. यह सोचने पर मजबूतर कर दिया कि कैसे समुद्र में तेल फैलने की घटना एक झटके में कितना कुछ तबाह कर सकती है.

इस घटना ने लोगों के मन में पर्यावरण के प्रति चिंता पैदा कर दी. पर्यावरण के लिए आवाज उठाने वाले लोगों ने सरकार से सवाल किए और अपनी बात रखी. नतीजा, सरकार और एक्टिवस्ट के समूहों ने मिलकर इसका हल निकालने की योजनाा बनाई.

घटना के बाद दूर-दूर तक तेल की पर्त नजर आ रही थी. फोटो: Getty Images

सफाई अभियान चला, कानून बनाया गया

सबसे पहले तेल को साफ करने के लिए बड़े स्तर पर सफाई अभियान चलाया गया. अमेरिका में पर्यावरण सुरक्षा के लिए कड़े कानून बनाए गए. इसी के परिणामस्वरूप 1970 में United States Environmental Protection Agency (EPA) की स्थापना हुई, जिसका उद्देश्य पर्यावरण की रक्षा करना था.

पृथ्वी दिवस की नींव पड़ी

सबसे बड़ा असर यह रहा है कि इस घटना ने आम जनता को जागरूक किया और पर्यावरण आंदोलन को गति दी. इसी जागरूकता के चलते 22 अप्रैल 1970 को पहली बार अर्थ डे (Earth Day) मनाया गया.

पृथ्वी दिवस का दिन मनाने के लिए लाखों लोगों ने पर्यावरण संरक्षण के समर्थन में भाग लिया. इस तरह सांता बारबरा का तेल रिसाव एक दुखद घटना जरूर थी, लेकिन इसने पूरी दुनिया को यह सिखाया कि प्रकृति की रक्षा करना कितना जरूरी है और यहीं से वैश्विक स्तर पर पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़ी पहल की शुरुआत हुई.

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