मैथ्स आसान, अंग्रेजी में दिक्कत, फिर भी लाए 600 में 600 अंक, CBSE 10वीं टॉपर आरशा की कहानी
TV9 Bharatvarsh April 22, 2026 04:42 PM

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई (CBSE) ने 15 अप्रैल को 10वीं की बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट जारी किया था, जिसमें कुल 93.70 प्रतिशत स्टूडेंट्स पास हुए हैं. दिल्ली-एनसीआर के गुरुग्राम स्थित ‘द मौर्य स्कूल’ की छात्रा आरशा सैराह जकोशी भी उन्हीं में से एक हैं. उन्होंने CBSE कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में 600 में से 600 अंक हासिल किए हैं. उनकी इस सफलता पर न सिर्फ उनके घरवाले बल्कि उनका स्कूल भी फूले नहीं समा रहा. अपनी इस शानदार सफलता पर वह कहती हैं, ‘यह काफी चुनौतीपूर्ण था. इसके लिए बहुत अभ्यास करना पड़ा. मैंने हर दिन जितना हो सके, उतना पढ़ने की कोशिश की’.

न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में आरशा ने कहा, ‘पूरे समय के दौरान मेरे स्कूल ने मेरा बहुत साथ दिया और मुझे वहां से बेहतरीन मार्गदर्शन मिला. मैं इंजीनियरिंग की तैयारी कर रही हूं. मेरे माता-पिता ने भी मेरा पूरा साथ दिया और मेरे सवालों को हल करने में भी मेरी मदद की’. उन्होंने आगे कहा, ‘मैं हर दिन पढ़ाई करने की कोशिश करती थी, जितना भी मुझसे हो सकता था. स्कूल से आने के बाद मैं चैप्टर को रिवाइज करती थी’.

मैथ्स आसान तो अंग्रेजी में हुई दिक्कत

वह कहती हैं, ‘मेरे लिए मैथ्स सबसे आसान विषय था, क्योंकि मैथ्स मुझे समझ आता था, पर मुझे अंग्रेजी में थोड़ी प्रॉब्लम होती थी. इसलिए इसके लिए थोड़ा एक्स्ट्रा मेहनत करनी पड़ी. अंग्रेजी की तैयारी के लिए मैंने जितने भी चैप्टर्स थे, उनके कीवर्ड्स एक नोटबुक में लिखे और जो भी गलतियां होती थीं, उन सबको मैंने याद करके रख लिया था. फिर मैं मॉडल आंसर पेपर्स भी देखती थी, ताकि मुझे पता चले कि टॉपर्स आखिर कैसे पेपर लिखते हैं. इससे मुझे बहुत मदद मिली’.

सेल्फ स्टडी से की 10वीं की तैयारी

आरशा ने बिना किसी कोचिंग और ट्यूशन के सीबीएसई 10वीं में शानदार सफलता हासिल की है. वह कहती हैं, ‘मुझे विश्वास था कि मैं सेल्फ स्टडी से तैयारी कर सकती हूं’. अपने स्कूल और पैरेंट्स के बारे में वह कहती हैं कि दोनों जगहों से उन्हें भरपूर सपोर्ट मिला. स्कूल ने अच्छा गाइडेंस दिया और पैरेंट्स ने थोड़ा बहुत दबाव बनाया, लेकिन वो अच्छे के लिए था. वह कहती हैं कि अगर कभी कम नंबर भी आए तो उन्होंने समझाया और बताते थे कि कैसे हम मार्क्स को इंप्रूव कर सकते हैं और मेरे डाउट्स भी वो सॉल्व करते थे. अपने टॉप करने को लेकर वह कहती हैं, ‘श्योर तो नहीं था कि मैं टॉप कर जाऊंगी, लेकिन इतना विश्वास था कि अच्छे नंबर आएंगे’.

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