News India Live, Digital Desk: क्या आप अपनी हर छोटी-बड़ी समस्या के समाधान के लिए ChatGPT या अन्य AI टूल्स का सहारा लेते हैं? अगर हाँ, तो सावधान हो जाइए। MIT मीडिया लैब के शोधकर्ताओं ने अपने हालिया अध्ययन में पाया है कि जो लोग लिखने या समस्या सुलझाने के लिए AI का अधिक उपयोग करते हैं, उनके मस्तिष्क की सक्रियता उन लोगों की तुलना में काफी कम हो जाती है जो खुद से काम करते हैं।रिसर्च के 3 बड़े और डरावने सचब्रेन कनेक्टिविटी में गिरावट (Neural Disengagement): स्टडी के दौरान लेखकों ने पाया कि जब लोग बिना किसी मदद के निबंध लिखते हैं, तो उनके मस्तिष्क के विभिन्न हिस्सों के बीच 'न्यूरल कनेक्टिविटी' सबसे मजबूत होती है। इसके विपरीत, AI का उपयोग करने वालों में यह सक्रियता सबसे कम पाई गई। रिसर्च कहता है कि "जैसे-जैसे बाहरी मदद (AI) बढ़ती है, मस्तिष्क का नेटवर्क वैसे-वैसे 'स्केल डाउन' (कम सक्रिय) होता जाता है।"याददाश्त पर बुरा असर (Poor Recall): हैरानी की बात यह रही कि AI की मदद से निबंध लिखने वाले अधिकांश प्रतिभागी (करीब 83%) यह तक याद नहीं रख पाए कि उन्होंने अपने लेख में क्या लिखा था। जब हम AI को अपने हिस्से का काम करने देते हैं, तो हमारा दिमाग उस जानकारी को 'इंटरनलाइज' (आत्मसात) नहीं करता, जिससे हमारी याद रखने की क्षमता कमजोर होने लगती है।क्रिटिकल थिंकिंग का क्षरण (Erosion of Critical Thinking): AI हमें त्वरित उत्तर तो देता है, लेकिन यह हमें 'गहन सोच' (Deep Thinking) की प्रक्रिया से दूर कर देता है। शोधकर्ताओं ने इसे 'कॉग्निटिव ऑफलोडिंग' (Cognitive Offloading) कहा है, जहाँ हम अपने कठिन दिमागी कामों को मशीनों पर छोड़ देते हैं, जिससे हमारी 'मानसिक मांसपेशियां' कमजोर होने लगती हैं।युवाओं के लिए अधिक खतराविशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति युवाओं के लिए अधिक चिंताजनक है। वे AI पर 'ऑटोपायलट' की तरह निर्भर हो रहे हैं। अध्ययन में पाया गया कि जब AI का उपयोग करने वालों को बाद में बिना किसी मदद के काम करने को कहा गया, तो उनकी मस्तिष्क सक्रियता बढ़ी तो सही, लेकिन वह उन लोगों के स्तर तक कभी नहीं पहुँच पाई जो शुरुआत से ही स्वतंत्र रूप से काम कर रहे थे।बचाव के उपाय: कैसे रहें 'बौद्धिक रूप से सक्रिय'?पूरक के रूप में लें, विकल्प नहीं: AI को अपना 'रिप्लेसमेंट' न समझें। पहले खुद सोचें, फिर AI से फीडबैक लें।लिखने का अभ्यास: रोजाना कम से कम 15-20 मिनट बिना किसी डिजिटल टूल के पेन-पेपर पर लिखने या सोचने की आदत डालें।वेरिफिकेशन (सत्यापन): AI द्वारा दी गई जानकारी को क्रॉस-चेक करें। यह प्रक्रिया आपके दिमाग को सक्रिय रखेगी।