साल 2026 की चारधाम यात्रा का आगाज़ हो चुका है। आज, 22 अप्रैल 2026 को सुबह 8 बजे केदारनाथ मंदिर के कपाट खुल गए हैं। यह मंदिर उत्तराखंड में भगवान शिव का है और इसकी ऊंचाई 3,583 मीटर है। जैसे ही मंदिर के कपाट खोले गए, भक्तों की बड़ी संख्या केदारनाथ के दर्शन के लिए पहुंच गई।
हर साल लाखों श्रद्धालु यहां भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए आते हैं। हालांकि, बिना सही जानकारी के यात्रा करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। यदि आप पहली बार केदारनाथ जाने की योजना बना रहे हैं, तो इस लेख में हम आपको यात्रा के सभी पहलुओं के बारे में बताएंगे, जैसे यात्रा का तरीका, खर्च, ठहरने की जगह और समय।
केदारनाथ यात्रा के लिए सबसे पहले रजिस्ट्रेशन कराना आवश्यक है। यह प्रक्रिया पूरी तरह से मुफ्त है और आप इसे ऑनलाइन कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन के लिए आपको मोबाइल नंबर से OTP प्राप्त करना होगा और फिर नाम, उम्र और पहचान पत्र की जानकारी भरनी होगी। इसके साथ ही, आपको अपनी फोटो और ID अपलोड करनी होगी। सफल रजिस्ट्रेशन के बाद आपको QR कोड वाला ई-पास मिलेगा, जिसे यात्रा के दौरान दिखाना होगा। आप चाहें तो हरिद्वार, ऋषिकेश और सोनप्रयाग में ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन भी करा सकते हैं।
सड़क मार्ग से: दिल्ली से हरिद्वार की दूरी लगभग 220 किलोमीटर है, जो 5 से 6 घंटे में तय की जा सकती है। हरिद्वार से गौरीकुंड की दूरी लगभग 240 किलोमीटर है, जो 9 से 10 घंटे लगते हैं। रास्ता: ऋषिकेश-रुद्रप्रयाग-गुप्तकाशी।
ट्रेन या फ्लाइट से: आप ट्रेन से हरिद्वार या ऋषिकेश पहुंच सकते हैं। फ्लाइट से देहरादून जाएं और वहां से बस या टैक्सी लेकर आगे का सफर करें।
गौरीकुंड से केदारनाथ जाने के लिए सीधी सड़क नहीं है। आपको 16 से 18 किलोमीटर की दूरी तय करनी होगी।
- पैदल ट्रेक: 6 से 10 घंटे।
- घोड़ा या पालकी का उपयोग कर सकते हैं।
- हेलीकॉप्टर सेवा सिरसी या गुप्तकाशी से उपलब्ध है।
अप्रैल में यहां का मौसम ठंडा और अनिश्चित रहता है। दिन में तापमान 0 से 15 डिग्री सेल्सियस के बीच होता है, जबकि रात में यह शून्य से नीचे गिर सकता है। अचानक बारिश या बर्फबारी भी हो सकती है, इसलिए गर्म कपड़े और मजबूत जूते साथ रखना जरूरी है।
- दिल्ली से देहरादून या हरिद्वार: 300 से 1000 रुपये।
- देहरादून से गौरीकुंड की बस: 300 से 500 रुपये।
- सीधे बस (दिल्ली से गौरीकुंड): 500 से 1000 रुपये।
- हेलीकॉप्टर का खर्च: सिरसी से राउंड ट्रिप के लिए लगभग 5500 रुपये।
- फाटा से भी 5500 रुपये।
- गुप्तकाशी से 7740 रुपये।
मंदिर के पास रुकने की सुविधाएं सीमित हैं, इसलिए गुप्तकाशी या सोनप्रयाग में रुकना बेहतर रहेगा। यहां पहले से होटल बुक कर लेना चाहिए, अन्यथा बाद में कमरे नहीं मिल सकते। यात्रा के लिए आपको 4 से 5 दिन का समय चाहिए होगा।
- सबसे पहले रजिस्ट्रेशन जरूर करें।
- ID और ई-पास हमेशा साथ रखें।
- पानी पीते रहें।
- रात में अकेले ट्रेकिंग न करें।