
जम्मू, 22 अप्रैल . संसद में महिला आरक्षण संशोधन बिल के पारित नहीं होने पर जम्मू में Wednesday को आक्रोश रैली निकाली गई. रैली में शामिल भाजपा की महिला कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे अपना हक लेकर रहेंगी चाहे विपक्षी दल भले ही कितना भी षडयंत्र रच लें.
भाजपा विधायक शगुन परिहार ने कहा, “मैं कांग्रेस की मानसिकता और राजनीति से दुखी हूं. जब महिलाओं को विधानसभा और संसद में जगह दिलाने के लिए एक संशोधन बिल लाया गया था, जिसमें हमारी माताओं-बहनों को आरक्षण का हक मिलना था तो विपक्षी दलों ने उसमें विलेन बनने का काम किया. कांग्रेस की परिवारवादी राजनीति ने उस संशोधन बिल को पास नहीं होने दिया.”
भाजपा नेता देवयानी राणा ने कहा कि यह बहुत दुख की बात है कि विपक्षी दलों ने महिलाओं को आरक्षण का हक नहीं मिलने दिया.
उन्होंने कहा कि जब Prime Minister मोदी के नेतृत्व में संसद में 33 फीसदी वाला आरक्षण पेश किया गया तो विपक्ष ने न केवल इसे पास नहीं होने दिया, बल्कि इसका मजाक भी उड़ाया. सोचकर भी बुरा लगता है कि उस वक्त कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की मानसिकता कैसी रही होगी. जब महिलाओं को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है तो विपक्षी दलों द्वारा इसे रोकना दर्शाता है कि महिलाओं के हित की बात होगी तो विपक्ष गंभीरता से नहीं लेगा. इसे विपक्ष ने सियासी मुद्दा बनाया है. विपक्ष के लोग महिलाओं को आगे बढ़ने नहीं दे रहे हैं और देश को भी पीछे खींच रहे हैं.
नेहा महाजन ने कहा कि जब विपक्षी पार्टियां बात नहीं समझतीं तो हमें सड़कों पर उतरना पड़ता है. हमने देखा कि 17 अप्रैल को विपक्ष ने किस तरह का हाई-वोल्टेज ड्रामा किया और 33 फीसदी आरक्षण से महिलाओं को वंचित रखा. इसी विपक्ष के खिलाफ जम्मू-कश्मीर की ‘त्रिशक्ति’ सड़कों पर उतर आई हैं और अपने हक की मांग कर रही है.
जम्मू-कश्मीर के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सत शर्मा ने कहा कि विपक्षी दलों के खिलाफ आयोजित इस आक्रोश रैली में उमड़ी जनशक्ति ने स्पष्ट संदेश दिया कि नारी सम्मान और अधिकारों के साथ किसी भी तरह का समझौता अब स्वीकार नहीं होगा. नारी शक्ति के सम्मान की यह लड़ाई निरंतर जारी रहेगी.
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डीकेएम/