मुंबई। बॉम्बे उच्च न्यायालय ने बुधवार को नासिक जिले के मालेगांव में 2006 में हुए बम विस्फोट मामले में चार आरोपितों को बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि इन चारों आरोपितों के विरुद्ध पर्याप्त सबूत नहीं है और इस मामले में विशेष एनआईए कोर्ट के आदेश को भी रद्द करने का आदेश दिया है।
अधिवक्ता कौशिक म्हात्रे के अनुसार इन चारों आरोपितों राजेंद्र चौधरी, धन सिंह, मनोहर राम सिंह नरवारिया और लोकेश शर्मा के विरुद्ध सितंबर, 2025 में विशेष एनआईए कोर्ट ने आरोप तय किये थे। एनआईए के आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी। इस याचिका पर चीफ जस्टिस चंद्रशेखर और जस्टिस श्याम चांडक की खंडपीठ के समक्ष बुधवार को सुनवाई हुई। जिरह के बाद न्यायालय ने इन चारों आरोपितों के विरुद्ध पेश सबूतों को नाकाफी माना और चारों आरोपितों को निर्दोष बरी होने का आदेश दिया है।
नासिक जिले के मालेगांव शहर में 8 सितंबर, 2006 को चार बम धमाके हुए थे। इनमें से तीन हमीदिया मस्जिद और बड़ा कब्रिस्तान के अंदर हुए थे, जबकि चौथा मुशावरत चौक में हुआ था। इस घटना की शुरुआती छानबीन एटीएस ने की थी और इस मामले में नौ लोगों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद इस मामले की छानबीन नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) को सौप दी गई थी और एनआईए ने इस मामले में राजेंद्र चौधरी, धन सिंह, मनोहर राम सिंह नरवारिया और लोकेश शर्मा को गिरफ्तार किया था।
इसके बाद विशेष एनआईए कोर्ट ने एटीएस की ओर से गिरफ्तार किए गए नौ आरोपितों को निर्दोष बरी कर दिया था। एनआईए ने इन चारोंं आरोपितों के विरुद्ध चार्जशीट पेश की थी। इसकी सुनवाई के बाद विशेष एनआईए कोर्ट ने इन चारों आरोपितों के विरुद्ध आरोप तय किये, लेकिन आज न्यायालय ने इन चारों आरोपितों को भी निर्दोष बरी कर दिया है।