पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से एक दिन पहले बुधवार को टीएमसी ने निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि पूर्वी मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम में केंद्रीय बलों के जवानों ने स्थानीय लोगों पर हमला किया है और अत्यधिक बल का प्रयोग किया है। हालांकि, निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने कहा कि शिकायत की जांच की गई, लेकिन ऐसी कोई घटना सामने नहीं आई।
तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए तैनात सीआरपीएफ के जवानों ने 21 अप्रैल को बिना किसी उकसावे के स्थानीय लोगों पर हमला करके अपने पद का घोर दुरुपयोग किया, जिसके परिणामस्वरूप लोगों को चोटें आईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। पार्टी ने शिकायत के साथ घायल व्यक्तियों की कथित तस्वीरें भी जमा कीं।
तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि नंदीग्राम में केंद्रीय बलों की कार्रवाई निर्वाचन आयोग के चुनाव के दौरान बल तैनाती संबंधी नियमावली के प्रावधानों का "प्रत्यक्ष और घोर उल्लंघन" है।शिकायत में कहा गया है, "शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए तैनात बल ही आक्रामक हो गए हैं, जिससे चुनावी प्रक्रिया में जनता का विश्वास कम हो रहा है।" हालांकि आयोग ने आरोप को खारिज कर दिया है।
गौरतलब है कि नंदीग्राम में 23 अप्रैल को मतदान होगा, जहां से विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी दोबारा चुनाव लड़ रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस ने इस सीट से पबित्रा कर को उम्मीदवार बनाया है।शुभेंदु भवानीपुर में भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं, जहां 29 अप्रैल को दूसरे चरण में मतदान होगा।