महिलाओं को पीरियड्स के समय अक्सर कमजोरी, थकान और सुस्ती का सामना करना पड़ता है। यह मुख्यतः शरीर में हार्मोनल परिवर्तन और रक्त की कमी के कारण होता है। इस दौरान एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन में उतार-चढ़ाव होता है, जिससे ऊर्जा स्तर प्रभावित होता है। इसके अलावा, रक्तस्राव के कारण शरीर में आयरन की कमी भी हो सकती है, जो कमजोरी का एक प्रमुख कारण बनता है। कई महिलाओं को इस समय दर्द, मूड स्विंग्स और नींद की कमी का अनुभव भी होता है, जिससे थकान और बढ़ जाती है।
आजकल की व्यस्त दिनचर्या में कई महिलाएं इस समय आराम नहीं कर पातीं और अपनी डाइट का सही ध्यान नहीं रख पातीं, जिससे समस्या और बढ़ जाती है। इस दौरान शरीर को अधिक देखभाल और पोषण की आवश्यकता होती है। इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि शरीर के संकेतों को समझा जाए और उन्हें नजरअंदाज न किया जाए। सही जानकारी होना आवश्यक है, ताकि कमजोरी को संभाला जा सके और दैनिक जीवन पर इसका प्रभाव न पड़े।
आरएमएल हॉस्पिटल में महिला रोग विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सलोनी चड्ढा के अनुसार, पीरियड्स के दौरान सही पोषण देना अत्यंत आवश्यक है। इस समय आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें और गुड़ का सेवन करना फायदेमंद होता है, जिससे रक्त की कमी को पूरा करने में मदद मिलती है। इसके साथ ही प्रोटीन और विटामिन से भरपूर आहार लेने से शरीर को ऊर्जा मिलती है और थकान कम होती है।
फलों, दूध और ड्राई फ्रूट्स को भी डाइट में शामिल करना चाहिए। जंक फूड और अधिक तला-भुना खाना खाने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे शरीर और अधिक सुस्त महसूस कर सकता है। समय पर और संतुलित भोजन करने से शरीर को आवश्यक पोषण मिलता है, जिससे कमजोरी कम करने में मदद मिलती है।
पीरियड्स के दौरान शरीर को आराम देना बहुत जरूरी है। पर्याप्त नींद लेने से शरीर को रिकवरी का समय मिलता है और थकान कम होती है। इस समय अधिक काम करने से बचना चाहिए। यदि शरीर थका हुआ महसूस करे, तो उसे आराम देना आवश्यक है। अच्छी नींद लेने से मूड भी बेहतर रहता है और शरीर में ऊर्जा बनी रहती है।
पीरियड्स के दौरान हल्की एक्सरसाइज जैसे वॉक या योग करना फायदेमंद हो सकता है, जिससे शरीर सक्रिय रहता है और थकान कम होती है। इसके साथ ही पर्याप्त पानी पीना बहुत जरूरी है, ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे। नारियल पानी और जूस जैसे तरल पदार्थ भी शरीर को ऊर्जा देने में मदद करते हैं।