एफबीआई के निदेशक काश पटेल हाल ही में नशे में धुत होने के आरोपों के चलते चर्चा में हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, पटेल इतनी शराब पी चुके थे कि वे लॉग इन करने में भी असमर्थ थे। अटलांटिक मैगजीन ने बताया कि उनके अधिकारियों को कई बार उन्हें खोजने में कठिनाई होती है, और वे अक्सर अपने कार्यालय में सोते रहते हैं, जिससे वे समय पर उठ नहीं पाते। हालांकि, पटेल ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है।
पटेल ने कहा है कि उनके खिलाफ जो रिपोर्टें आई हैं, वे पूरी तरह से गलत हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे उन सभी लोगों को अदालत में देखेंगे जो उन पर शराब पीने का आरोप लगा रहे हैं। द हिल के अनुसार, यदि ये आरोप सिद्ध होते हैं, तो उनकी नौकरी खतरे में पड़ सकती है, क्योंकि अमेरिका में कार्यस्थल पर शराब पीना अवैध है।
अमेरिका में सरकारी अधिकारियों के लिए शराब पीने के संबंध में स्पष्ट नियम हैं। ये नियम फेडरल एम्प्लॉईज कोड के तहत बनाए गए हैं, जिनके अनुसार कार्यस्थल पर शराब लाना या पीना मना है। इसके अलावा, सरकारी कर्मचारी कार्य समय में शराब का सेवन नहीं कर सकते, इसे कदाचार माना जाता है।
इसके अलावा, कार्य समय से 8 घंटे पहले तक भी शराब पीना निषिद्ध है। सरकारी कर्मचारी केवल छुट्टियों के दौरान शराब पी सकते हैं, लेकिन उन्हें गाइडलाइंस का पालन करना होता है। अमेरिकी स्वास्थ्य गाइडलाइंस के अनुसार, पुरुषों के लिए 24 घंटे में 2 पेग और महिलाओं के लिए 1 पेग शराब पीने की अनुमति है।
U.S. Department of Justice के इंटर्नल पॉलिसी गाइडलाइंस के अनुसार, जो कर्मचारी फिट फॉर ड्यूटी के अंतर्गत आते हैं, उन्हें शराब का सेवन नहीं करना चाहिए। एफबीआई के अधिकारी भी इसी श्रेणी में आते हैं, जिसका मतलब है कि उनकी ड्यूटी कभी भी लग सकती है।
काश पटेल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जब तक अमेरिका के राष्ट्रपति चाहेंगे, वे अपने पद पर बने रहेंगे। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने पिछले निदेशकों से अधिक काम किया है और वे समय पर दफ्तर आते हैं और देर तक काम करते हैं।
पटेल ने आगे कहा कि उनके खिलाफ एक प्रोपगंडा चलाया जा रहा है, जिसे वे पूरी तरह से खारिज करते हैं। उन्होंने शराब पीने के आरोपों का जवाब देने के लिए अमेरिकी अदालत में जाने की बात कही है और मैगजीन पर मानहानि का मुकदमा भी दायर किया है।