आजकल कई लोग अपनी गाड़ी में तेज आवाज वाला प्रेशर हॉर्न लगवा लेते हैं, ताकि सड़क पर उनकी गाड़ी जल्दी ध्यान खींच सके. लेकिन यह आदत न सिर्फ गलत है, बल्कि कानून के खिलाफ भी है. प्रेशर हॉर्न की आवाज बहुत तेज होती है, जिससे लोगों को परेशानी होती है और कई बार हादसे का खतरा भी बढ़ जाता है. खासतौर पर स्कूल, अस्पताल और रिहायशी इलाकों में इस तरह के हॉर्न का इस्तेमाल बहुत नुकसान पहुंचा सकता है. यही वजह है कि सरकार ने इस पर सख्त नियम बनाए हैं और इसका इस्तेमाल पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया है.
भारत में मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार प्रेशर हॉर्न लगाना और इस्तेमाल करना गैरकानूनी है. सिर्फ वही हॉर्न इस्तेमाल किए जा सकते हैं, जो कंपनी की तरफ से गाड़ी में दिए जाते हैं या नियमों के अनुसार होते हैं. अगर आपकी गाड़ी में प्रेशर हॉर्न लगा पाया जाता है, तो ट्रैफिक पुलिस तुरंत चालान काट सकती है. कई शहरों में इसके लिए 1000 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाता है. बार-बार नियम तोड़ने पर और सख्त कार्रवाई भी हो सकती है.
प्रेशर हॉर्न सिर्फ नियम तोड़ने की बात नहीं है, बल्कि यह सेहत के लिए भी हानिकारक है. इसकी तेज आवाज से लोगों को सिरदर्द, तनाव और सुनने में परेशानी हो सकती है. लंबे समय तक ऐसे शोर में रहने से बुजुर्गों और बच्चों पर ज्यादा असर पड़ता है. साथ ही यह ध्वनि प्रदूषण को भी बढ़ाता है, जो शहरों में एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है. बार-बार नियम तोड़ने पर चालान बढ़ सकता है या अन्य कार्रवाई भी हो सकती है.
अगर आपने अपनी गाड़ी में प्रेशर हॉर्न लगवा रखा है, तो उसे तुरंत हटवा देना ही समझदारी है. इससे आप न सिर्फ चालान से बचेंगे, बल्कि दूसरों के लिए भी सुरक्षित माहौल बना पाएंगे. हमेशा वही हॉर्न इस्तेमाल करें, जो नियमों के अनुसार हो और जिसकी आवाज सामान्य हो.