सिक्योर नहीं है EPFO में आपका पैसा? EPS की छोटी चूक से अटक जाएगा पूरा PF फंड, विड्रॉल क्लेम से पहले करें ये काम
et April 27, 2026 10:43 PM
PF यानी कर्मचारी भविष्य निधि ( EPFO ) को लेकर कर्मचारी काफी जागरुक रहते हैं। कर्मचारी ईपीएफओ और Umang ऐप पर आसानी से सैलरी से कटने वाला पैसा और इंटरेस्ट रेट साफ-साफ देख सकते हैं। लेकिन, पीएफ अकाउंट में एक सेक्शन और है जो कई लोग नजरअंदाज करते हैं। यही सेक्शन आगे चलकर कर्मचारी को परेशानी में डाल सकता है। हम Employees’ Pension Scheme ( EPS ) की बात कर रहे हैं। ईपीएफ पासबुक (EPF Passbook) में हमें जमा राशि के साथ ब्याज की जानकारी मिल जाती है। लेकिन, EPS का रिकॉर्ड साफ नहीं दिखता है। यही कारण है कि EPS में होने वाली छोटी-छोटी गलतियां सालों तक छिपी रहती है। कर्मचारी भी इन गलतियों से अनजान होते हैं। लेकिन, जब कर्मचारी EPS से पैसे निकालने या ट्रांसफर करने जाते हैं तब उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है।

EPS में इतना होता है निवेशजब भी पीएफ यानी प्रोविडेंट फंड की बात आती है तो लोगों का ध्यान पीएफ बैंलेंस (PF Balance) पर जाता है। पीएफ बैलेंस में कर्मचारी के साथ कंपनी का योगदान भी दिखता है। अगर कर्मचारी की सैलरी का 12% हिस्सा EPF में जाता है तो कंपनी भी उतना ही योगदान देती है। लेकिन, कंपनी का पूरी कॉन्ट्रिब्यूशन ईपीएफ में नहीं जाता है। कंपनी के योगदान में से 8.3% हिस्सा EPS में जाता है। यह हिस्सा कर्मचारी के पेंशन के लिए होता है।

अगर कर्मचारी ने कम से कम 10 साल तक नौकरी की है, तो 58 साल की उम्र के बाद वे EPS के तहत पेंशन पा सकता है। EPS एक तरह से रिटायरमेंट सिक्योरिटी है। चूंकि, EPS में एक साथ पैसा नहीं मिलता है तो लोग इसे ज्यादा गंभीरता के साथ नहीं लेते हैं।

EPS में यहां होती है चूक EPF के मुकाबले EPS थोड़ा अलग तरीके से काम करता है। इसमें एकमुश्त पैसा नहीं मिलता है। इसमें रिटायरमेंट के बाद हर महीने पेंशन मिलती है। यही कारण है कि लोग इसे समय-समय पर चेक नहीं करते हैं।

अगर EPS में कोई भी गड़बड़ी हो जाती है तो इसका असर कई तरीके से पड़ जाता है। इससे कर्मचारी की पेंशन कम हो सकती है। पेंशन मिलने में देरी हो सकती है। कई मामलों में पूरी पेंशन भी रुक सकती है। इसके अलावा EPS की गड़बड़ी का असर पूरे पीएफ फंड ( PF Fund ) पर भी पड़ सकता है। दरअसल, जब कर्मचारी पीएफ फंड से विड्रॉल करने का रिक्वेस्ट डालता है तब (EPFO) EPF और EPS दोनों का रिकॉर्ड चेक करते हैं। अगर डेटा मैच नहीं होता है तो क्लेम अटक सकता है।

कैसे होती हैं EPS में ये गलतियां?EPS का पूरा रिकॉर्ड कंपनी की तरफ से मैनेज होता है। हर महीने सैलरी के साथ जो डेटा जाता है, उसी के आधार पर EPS अपडेट होता है। लेकिन, EPS में कई तरह की गलतिया हो सकती हैं। जैसे:


  • कई बार सैलरी गलत दर्ज हो जाती है। इससे EPS योगदान भी गलत हो जाता है।
  • कुछ मामलों में जहां EPS का पैसा जाना चाहिए, वहां नहीं जाता या कम-ज्यादा चला जाता है।
  • कई बार जॉइनिंग डेट गलत दर्ज हो जाती है।
  • कई बार सर्विस हिस्ट्री अधूरी रहती है।
ये छोटी गलतियां आगे चलकर कर्मचारियों के लिए बड़ी परेशानी बन जाती हैं। अक्सर ये गलतियां उन कंपनियों से होती है जो PF ट्रस्ट के जरिए काम करती हैं। दरअसल, यहां डेटा मैनेजमेंट का काम कंपनियों के हाथ में होता है।

कई बार लोग इन गलतियों को नजरअंदाज कर देते हैं। वे सोचते हैं कि EPF में पैसा सुरक्षित है। ऐसे में आंशिक रूप से चिंता की जरूरत नहीं है। लेकिन, समय के साथ इस गलती में सुधार करना भी जरूरी है। हर महीने कर्मचारी की सैलरी का एक हिस्सा EPS में जाता है। अगर EPS का रिकॉर्ड सही नहीं होता है तो पीएफ अकाउंट ( PF Account ) से पैसे निकालने में परेशानी आ सकती है।

EPFO क्लेम प्रोसेस के समय दोनों अकाउंट्स EPF और EPS को चेक करता है। अगर दोनों अकाउंट में किसी भी तरह का अंतर आता है तो क्लेम रुक जाता है। इसका मतलब है कि सालों तक जमा पैसा सिर्फ रिकॉर्ड मैच न होने के कारण रुक सकता है।

EPS में सिर्फ पैसे के कारण दिक्कत नहीं आती है। कई बार जॉब हिस्ट्री के कारण भी परेशानी आ सकती है। ऐसे कई मामले देखे गए हैं जब कर्मचारी की जॉब हिस्ट्री अधूरी होती है या फिर उसमें गैप होता है। अगर कर्मचारी ने कोई जॉब स्विच किया, लेकिन पुरानी कंपनी ने डेटा अपडेट नहीं किया तब भी दिक्कत हो सकती है। ऐसे में कर्मचारी को यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि EPFO में जॉइनिंग डेट, एग्जिट डेट और बाकी सभी डिटेल्स सही तरीके से दर्ज हों। अगर कहीं भी गैप, ओवरलैप या मिसिंग एंट्री होती है तो उसे तुरंत ठीक करवाएं।

कैसे ठीक करें गलती?अगर EPS रिकॉर्ड में कोई भी गड़बड़ी नजर आती है तो सबसे पहले कंपनी के कंपनी के HR या Payroll डिपार्टमेंट से बात करें। यह ध्यान रखें कि EPS की ये गलती तुरंत ठीक नहीं होती है। इसमें समय लगता है। कई बार इस गलती को ठीक करने में पूरा फाइनेंशियल ईयर भी लग जाता है।

मान लीजिए कि अगर मार्च में कोई गलती होती है तो उसे जून-जुलाई तक ठीक किया जा सकता है। लेकिनस अगर पूरी फाइनेंशियल ईयर की एंट्री में गलती हो, तो उसे ठीक होने में एक साल या उससे ज्यादा वक्त लग सकता है। ऐसे में जरूरी है कि निवेशक जल्द से ज्लद ये गलती पकड़े और उसे ठीक कराएं।

EPS में कैसे होता है सुधार?EPS में किसी भी तरीके की गलती का सुधार कर्मचारी नहीं कर सकता है। इसके लिए कंपनी को ही प्रोसेस पूरा करना होता है। गलती को ठीक करने के लिए कंपनी के Payroll टीम revised ECR (Electronic Challan cum Return) फाइल करती है। इसके बाद Employees' Provident Fund Organisation उस डेटा की जांच करता है। अगर डेटा में सच में कोई गलती होती है तब ईपीएफओ बदलाव को मंजूरी देता है।

EPS में कम या ज्यादा योगदान होने पर उसे EPF और EPS अकाउंट के बीच एडजस्ट कर दिया जाता है। वहीं, अगर कोई योगदान छूट जाए, तब उसे ब्याज के साथ जोड़ा जाता है। इस पूरे प्रोसेस में समय लगता है।

कंपनी मदद न करें, तब क्या करें?कई मामलों में देखा गया है कि कंपनी कर्मचारी की शिकायत को गंभीरता से नहीं लेते हैं या फिर सुधार में देरी करते हैं। ऐसे में कर्मचारी के पास कुछ ऑप्शन्स होते हैं।

कर्मचारी EPFO के शिकायत पोर्टल EPFiGMS पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं। यहां परेशानी को ट्रैक किया जाता है और समाधान की प्रक्रिया शुरू होती है। अगर यहां भी समाधान नहीं होता है तो कर्मचारी RTI (Right to Information) के तहत जानकारी मांग सकते हैं। ये प्रोसेस काफी फास्ट होता है। इसमें संबंधित विभाग पर जवाब देने का दबाव बनता है।
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