गोविंदा का करियर क्यों बर्बाद हुआ? अश्विनी कौशल ने गिनाईं वजहें, कहा- 'वहम में थे, अंधविश्वासी हो गए थे'
एबीपी एंटरटेनमेंट डेस्क April 29, 2026 07:42 AM

90 के दशक में गोविंदा ने स्टारडम का जबरदस्त स्वाद चखा. उन्होंने उस समय एक से बढ़कर एक फिल्मों में किया था. कादर खान और उनकी जोड़ी स्क्रीन पर हिट रही. वहीं, एक्ट्रेसेस में रवीना टंडन और करिश्मा कपूर के साथ गोविंदा ने स्क्रीन ही नहीं बल्कि बॉक्स ऑफिस पर भी तबाही ला दी थी. एक के बाद एक हिट फिल्में दे रहे थे लेकिन एक्टर ने जितने जल्दी सफलता की सीढ़ी चढ़ी उतने ही जल्दी उन्हें करियर में डाउनफॉल से भी गुजरना पड़ा. आज आलम ये है कि वह स्टेज शोज कर रहे हैं या फिर स्कूल कॉलेज की पार्टी में डांस करते हैं.

गोविंदा के डाउनफॉल और बर्बादी के पीछे की वजह को लेकर इंडस्ट्री के कई फिल्ममेकर और एक्टर्स ने बात की और उनके सेट पर लेट आने को बताया. लोगों ने माना कि समय का पाबंद ना होने की वजह से उन्हें ये डाउनफॉल झेलना पड़ा. ऐसे में अब सालों के बाद एक्टर अश्विनी कौशल ने गोविंदा के बर्बाद करियर को लेकर बात की और उन्होंने इसके पीछे की वजहें गिनाई और कहा कि उनमें वहम आ गया था. 

फेल रहा था गोविंदा का कमबैक
गौरतलब है कि गोविंदा ने लंबे समय के ब्रेक के बाद कमबैक करने का फैसला किया था लेकिन उनकी वापसी सफल नहीं रही थी. गोविंदा ने लंबे समय के बाद फिल्म 'रंगीला राजा' से कमबैक करना चाहा था लेकिन बात बन नहीं पाई. बहरहाल, अगर उनके करियर की हिट फिल्मों के बारे में बात की जाए तो उन्होंने एक से बढ़कर एक हिट और यादगार फिल्में दी है. फिर चाहे वो एक्शन, रोमांस या फिर कॉमेडी ही क्यों ना हो.

इसमें 'राजा बाबू', 'कुली नंबर 1', 'हीरो नंबर 1', 'पार्टनर (2007)', 'दूल्हे राजा (1998)', 'साजन चले ससुराल' (1996) और 'बड़े मियां छोटे मियां (1998)' जैसी सैकड़ों फिल्में हैं, जिसके जरिए गोविंदा ने 90 के दशक में स्क्रीन पर राज किया था.

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