झारखंड की आदिवासी लड़की, दिल्ली की कोठी और 17 साल का नरक… बंधक बनाकर किया जानवरों से भी बदतर सलूक, ऐसे मिली आजादी
TV9 Bharatvarsh April 30, 2026 12:43 PM

राजधानी दिल्ली के पॉश इलाके कोहाट एन्क्लेव से मानवता को शर्मसार करने वाली एक ऐसी दास्तां सामने आई है, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए. आरोप है कि झारखंड की एक आदिवासी युवती को एक कारोबारी की कोठी में 15 साल की उम्र से 17 साल तक बंधुआ मजदूर बनाकर रखा गया. इस दौरान उसके साथ न केवल जानवरों जैसा व्यवहार हुआ, बल्कि तीन बार बलात्कार और जबरन गर्भपात जैसी घिनौनी वारदातों को भी अंजाम दिया गया.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़िता जब महज 15 साल की थी, तब उसके पड़ोसी गांव का एक शख्स उसे अच्छी नौकरी का झांसा देकर दिल्ली लाया था. उसे कोहाट एन्क्लेव के एक कारोबारी के घर घरेलू काम के लिए छोड़ दिया गया. परिजनों से संपर्क पूरी तरह तोड़ने के लिए मालिक ने युवती के पास मौजूद मोबाइल नंबरों वाला कागज तक जला दिया. इस लंबी कैद के दौरान पीड़िता के पिता की मौत हो गई, लेकिन उसे अंतिम दर्शन तक के लिए घर नहीं जाने दिया गया.

यौन शोषण और जुल्म की इंतहा

पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि कारोबारी की बेटी की शादी में आए एक हलवाई ने उसके साथ पहली बार दुष्कर्म किया. जब वह गर्भवती हुई, तो कारोबारी की बेटी और बहू ने जबरन उसका गर्भपात करा दिया. जुल्म यहीं नहीं रुका, बाद में एक पड़ोसी नौकर ने भी उसे अपनी हवस का शिकार बनाया. सीसीटीवी में सबूत होने के बावजूद कारोबारी परिवार ने मामले को दबा दिया और पीड़िता को ही चुप रहने के लिए पीटा गया.

ये भी पढ़ें: गुमला में सनसनीखेज वारदात: बुजुर्ग दंपति की संदिग्ध परिस्थितियों में मिली लाश, पड़ोसियों को हुआ शक, तब खुला राज

अपनों की जिद ने दिलाई आजादी

पिछले साल नवंबर में पीड़िता के भाई-बहन एनजीओ की मदद से वहां पहुंचे, लेकिन कारोबारी ने महज 15 हजार रुपये देकर उन्हें डरा-धमका कर भगा दिया. हार न मानते हुए परिजन 9 अप्रैल को दोबारा कोठी पहुंचे और युवती को साथ ले जाने की जिद पर अड़ गए. भारी दबाव के बीच कारोबारी ने 17 साल की मजदूरी के नाम पर उसे 1.70 लाख रुपये देकर मुक्त किया. आजाद होने के बाद पीड़िता ने सुभाष प्लेस थाना पुलिस में FIR दर्ज कराई है.

© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.