देश के 5 राज्यों के चुनाव के बाद आए एग्जिट पोल में कांग्रेस की स्थिति मिली-जुली नजर आ रही है. कुछ जगहों पर पार्टी के लिए उम्मीद दिख रही है तो कई राज्यों में हालात कमजोर ही दिखाई दे रहे हैं. दक्षिण भारत में कांग्रेस के लिए थोड़ी राहत की खबर है. केरल में जो एंटी इनकम्बेंसी यानी सरकार के खिलाफ नाराजगी बताई जा रही थी, उसे कांग्रेस भुनाती हुई दिख रही है. एग्जिट पोल के अनुमान बताते हैं कि कर्नाटक के बाद अब केरल में भी कांग्रेस की सरकार बन सकती है. इससे दक्षिण भारत में पार्टी की पकड़ मजबूत होने की उम्मीद बढ़ रही है.
तमिलनाडु से भी कांग्रेस के लिए अच्छी खबर सामने आ रही है. वहां डीएमके का गठबंधन फिर से सत्ता में लौटता दिख रहा है और कांग्रेस इस गठबंधन का हिस्सा है. यानी अगर यह अनुमान सही साबित होता है तो कांग्रेस वहां भी सरकार का हिस्सा बनी रहेगी.
पश्चिम बंगाल में कांग्रेस की स्थिति
पश्चिम बंगाल में कांग्रेस की स्थिति ठीक नहीं दिख रही है. एक समय पर जहां कांग्रेस का दबदबा था, वहां अब पार्टी सिर्फ 2 सीटों तक सिमटती नजर आ रही है. इसी तरह असम में भी कांग्रेस को ज्यादा फायदा होता नहीं दिख रहा है. पार्टी को वहां 30 सीटों तक पहुंचने में भी मुश्किल दिखाई दे रही है, जबकि उसने चुनाव के दौरान बीजेपी और मुख्यमंत्री पर कई बड़े आरोप लगाए थे. पुडुचेरी में भी कांग्रेस की हालत कमजोर नजर आ रही है. एग्जिट पोल के अनुसार पार्टी वहां 10 सीटों का आंकड़ा पार करती हुई नहीं दिख रही है.
कांग्रेस की स्थिति उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर तक कमजोर
पूरे देश के हिसाब से देखें तो कांग्रेस की स्थिति उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर तक कमजोर नजर आ रही है. गुजरात से लेकर असम तक पार्टी को खास सफलता मिलती नहीं दिख रही है. उत्तर भारत में भी कांग्रेस की मौजूदगी सीमित होती जा रही है और अब यह कुछ ही राज्यों तक सिमटती नजर आती है. दक्षिण भारत में तस्वीर थोड़ी बेहतर है. कर्नाटक के बाद अगर केरल में भी जीत मिलती है और तमिलनाडु में सहयोगी दल के साथ सरकार बनती है तो इससे कांग्रेस को कुछ राहत जरूर मिल सकती है. एग्जिट पोल यह संकेत दे रहे हैं कि कांग्रेस के लिए यह चुनाव पूरी तरह अच्छा नहीं रहा, लेकिन कुछ राज्यों में उसे उम्मीद की किरण जरूर दिखाई दे रही है.
बंगाल में चुनाव खत्म होने के बाद भी तैनात रहेंगी CAPF की 500 कंपनियां, CRPF के डीजी ने दी जानकारी