भारत में कार खरीदते समय सिर्फ गाड़ी की कीमत ही नहीं, बल्कि रजिस्ट्रेशन और रोड टैक्स भी बड़ा खर्च होता है. अलग-अलग राज्यों में RTO चार्ज और टैक्स अलग होते हैं, जिसकी वजह से एक ही कार की ऑन-रोड कीमत हर राज्य में बदल जाती है. ऐसे में अगर आप जानना चाहते हैं कि किस राज्य में कार रजिस्ट्रेशन सबसे सस्ता है, तो ये खबर आपके लिए काफी काम की है. आइए विस्तार से जानते हैं.
भारत में हर राज्य अपनी जरूरत और नियमों के अनुसार रोड टैक्स तय करता है. कहीं यह टैक्स गाड़ी की कीमत का प्रतिशत होता है, तो कहीं फिक्स अमाउंट लिया जाता है. यही वजह है कि कुछ राज्यों में कार खरीदना सस्ता पड़ता है, जबकि कुछ जगहों पर यह काफी महंगा हो जाता है. छोटे राज्यों या कम ट्रैफिक वाले इलाकों में टैक्स आमतौर पर कम होता है.
अगर बात करें सबसे कम रजिस्ट्रेशन चार्ज वाले राज्यों की, तो हिमाचल प्रदेश का नाम सबसे पहले आता है. यहां रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस काफी कम होती है, जिससे कार खरीदना सस्ता पड़ता है. इसके बाद उत्तराखंड भी एक ऐसा राज्य है जहां RTO चार्ज कम हैं और ऑन-रोड कीमत कम बनती है. पूर्वोत्तर राज्यों जैसे असम और मेघालय में भी कार रजिस्ट्रेशन का खर्च कम माना जाता है. यहां टैक्स स्ट्रक्चर सरल है और कुल खर्च बाकी बड़े राज्यों के मुकाबले कम होता है. इसके अलावा गोवा भी एक ऐसा राज्य है जहां रोड टैक्स ज्यादा नहीं है, इसलिए यहां कार खरीदना किफायती रहता है.
अगर आप दिल्ली, महाराष्ट्र या कर्नाटक जैसे बड़े राज्यों में कार खरीदते हैं, तो वहां रोड टैक्स काफी ज्यादा होता है. ऐसे में वही कार जो किसी सस्ते राज्य में कम कीमत में मिलती है, बड़े शहरों में महंगी पड़ सकती है. कई बार ये अंतर हजारों से लेकर लाख रुपये तक भी पहुंच सकता है.
कई लोग सोचते हैं कि सस्ते राज्य से कार खरीदना फायदेमंद होगा, लेकिन ऐसा करना हमेशा आसान नहीं होता. आपको अपने राज्य में गाड़ी ट्रांसफर करनी पड़ती है और इसके लिए अलग से प्रक्रिया और खर्च होता है. इसलिए कार खरीदते समय सिर्फ सस्ते रजिस्ट्रेशन के बजाय अपनी जरूरत और नियमों को ध्यान में रखना जरूरी है.
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