लंदन की नौकरी छोड़ने वाली 'धाकड़' IAS दिव्या मित्तल, देवरिया में पद से क्यों हटाया, क्या नेताओं से तकरार पड़ी भारी? अब मिली ये नई जिम्मेदारी
TV9 Bharatvarsh May 04, 2026 01:43 PM

UP IAS Transfer News: उत्तर प्रदेश में बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत देवरिया की चर्चित जिलाधिकारी IAS दिव्या मित्तल को उनके पद से हटा दिया गया है. उन्हें विशेष सचिव, राजस्व परिषद की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि देवरिया का नया DM मधुसूदन हुगली बनाए गए हैं. यह ट्रांसफर यूपी के 38 IAS अधिकारियों की सूची का हिस्सा है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया है.

दिव्या मित्तल 2013 बैच की IAS अधिकारी हैं, जिन्होंने लंदन की आकर्षक नौकरी छोड़कर देश सेवा चुनी. देवरिया में उनका कार्यकाल कड़े फैसलों, भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाइयों और जनता के मुद्दों पर सख्ती के लिए याद रहेगा.

2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल अपने कड़े तेवरों और भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के लिए जानी जाती हैं. देवरिया में उनके कार्यकाल के दौरान जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच खींचतान की खबरें अक्सर सुर्खियां बनती रहीं. जुलाई 2025 की ‘दिशा’ बैठक का उनका वह बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि कोई भी जनप्रतिनिधि ट्रांसफर-पोस्टिंग के लिए अधिकारियों पर दबाव नहीं बना सकता.

‘किंग साइज’ एक्शन और सियासी हलचल

दिव्या मित्तल ने देवरिया में अवैध कब्जों के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था. उन्होंने लापरवाह लेखपालों और कानूनगो को जेल भेजने तक की चेतावनी दी थी. यही नहीं, सार्वजनिक रूप से मातहत अधिकारियों को जनता के साथ तमीज से पेश आने की नसीहत देने वाले उनके वीडियो ने उन्हें जनता का चहेता बना दिया था. हालांकि, माना जा रहा है कि उनकी यही बेबाक कार्यशैली स्थानीय सियासी समीकरणों में फिट नहीं बैठी, जिसके चलते उनका तबादला समय से पहले कर दिया गया.

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लंदन की नौकरी छोड़कर बनी थीं IAS

लंदन में लाखों का पैकेज छोड़कर देश सेवा के लिए आईएएस बनीं दिव्या मित्तल का विवादों और चर्चाओं से पुराना नाता रहा है. इससे पहले मिर्जापुर में भी जल जीवन मिशन के तहत सराहनीय कार्य करने के बावजूद प्रोटोकॉल के मुद्दे पर उनका तबादला कर दिया गया था. अब देवरिया से उनकी विदाई को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है. कुछ इसे रूटीन प्रक्रिया मान रहे हैं, तो कुछ इसे ईमानदार अफसर पर सियासी दबाव का नतीजा बता रहे हैं.

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