हार्दिक पंड्या, ऋषभ पंत, ऋतुराज गायकवाड़, अजिंक्य रहाणे और रियान पराग. ये वो कप्तान हैं जो आईपीएल 2026 में अपने प्रदर्शन से टीम को प्रेरित करने में नाकाम रहे और इसकी खूब चर्चा भी हुई है. फिर इन सभी ने कम से कम किसी न किसी मैच में टीम के लिए कुछ अहम योगदान दिया है. मगर इन सबसे अलग दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल के खराब प्रदर्शन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. बतौर कप्तान अपने कई फैसलों के कारण सवालों के घेरे में फंसे अक्षर बल्ले से भी फ्लॉप रहे हैं.
चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने के कप्तान अक्षर 6 गेंदों में सिर्फ 2 रन बनाकर आउट हो गए. इस पूरे सीजन में अक्षर लगातार चौथे या पांचवें नंबर पर बैटिंग के लिए उतरे हैं और उन्हें काफी गेंदें खेलने के मौके भी मिले हैं लेकिन वो इसका फायदा नहीं उठा सके हैं. चेन्नई के खिलाफ भी ऐसा ही हुआ, जहां टीम ने 8 ओवर में सिर्फ 52 रन पर 3 विकेट गंवा दिए थे, जिसके बाद अक्षर क्रीज पर उतरे थे. उनके पास एक बड़ी पारी खेलने का मौका था लेकिन वो ऐसा नहीं कर सके.
इस सीजन में ये छठा मौका था, जब अक्षर पटेल बैटिंग के लिए उतरे और सिंगल डिजिट स्कोर पर आउट हो गए. सिर्फ एक पारी में वो दहाई का आंकड़ा पार कर सके लेकिन उसमें वो 26 रन बनाकर चोट के चलते रिटायर हो गए थे. कुल मिलाकर इस सीजन में अक्षर पटेल ने 10 मैच में 7 बार बैटिंग की है और कुल 33 रन ही बना सके हैं. इसमें भी 2 बार वो खाता नहीं खोल पाए. उनका औसत इस सीजन में 5.5 का है, जबकि स्ट्राइक रेट भी सिर्फ 89 का है. ये इसलिए हैरान करने वाला है क्योंकि अक्षर का ओवरऑल टी20 बैटिंग एवरेज 22 का और स्ट्राइक रेट 135.50 का है.
सिर्फ बैटिंग ही नहीं, बल्कि अपनी बॉलिंग और कप्तानी से भी दिल्ली कैपिटल्स अपनी टीम को मुसीबत से बाहर निकालने में नाकाम साबित हुए हैं. अक्षर इस सीजन में 9 पारियों में सिर्फ 8 विकेट ही ले सके हैं. इतना ही नहीं, अपने फैसलों से भी वो टीम को जीत दिलाने में नाकाम रहे हैं. चेन्नई के खिलाफ ही उनका फैसला सवालों के घेरे में आ गया, जहां उन्होंने टॉस जीतकर पहले बैटिंग का फैसला किया और उनके बल्लेबाज संघर्ष करते रहे. टीम ने सिर्फ 69 रन पर ही 5 विकेट गंवा दिए थे. वो तो किस्मत के साथ के चलते टीम किसी तरह 155 के स्कोर तक पहुंच पाई.