गगन नारंग: ओलंपिक पदक विजेता का प्रेरणादायक सफर
Gyanhigyan May 06, 2026 05:43 PM
गगन नारंग का जन्मदिन

आज भारतीय शूटर और ओलंपिक पदक विजेता गगन नारंग का जन्मदिन है। उन्होंने अपनी प्रतिभा से देश और विदेश में पहचान बनाई है। गगन पहले भारतीय शूटर हैं, जिन्होंने लंदन ओलंपिक में क्वालीफाई किया था। 2012 में लंदन ओलंपिक में, उन्होंने पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल प्रतियोगिता में 701.1 अंक के साथ कांस्य पदक जीता। उनका बचपन भी काफी दिलचस्प रहा है, और उन्होंने कम उम्र में ही सफलता प्राप्त की।


20 साल की उम्र में स्वर्ण पदक

गगन ने 2003 में एफ्रो एशियन गेम्स में 20 साल की उम्र में स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद, 2006 में मेलबर्न में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने चार स्वर्ण पदक जीते। 2008 में चीन में हुए विश्व कप में भी उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया।


पायलट बनने का सपना

गगन नारंग का जन्म 6 मई, 1983 को हुआ था और वह बचपन से वायुसेना में पायलट बनने का सपना देखते थे। उनके पिता, भीमसेन नारंग, बताते हैं कि गगन में निशानेबाजी की प्रतिभा बचपन से ही थी। उन्होंने 2 साल की उम्र में बलून पर पिस्टल से निशाना लगाया था, जिससे उनके पिता को एहसास हुआ कि उनका बेटा इस क्षेत्र में आगे बढ़ सकता है।


कॉमनवेल्थ में चार पदक

2010 में नई दिल्ली में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में गगन ने 10 मीटर और 50 मीटर एयर राइफल श्रेणी में चार स्वर्ण पदक जीते। इसके साथ ही, उन्होंने एशियाई गेम्स में भी रजत पदक जीता। बैंकाक में ISSF विश्व कप के फाइनल में भी उन्होंने स्वर्ण पदक जीता, जिससे उनकी अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में सुधार हुआ।


संघर्ष और सफलता

गगन का बचपन संघर्षों से भरा रहा। उनके पिता एयर इंडिया में चीफ मैनेजर थे और गगन को शूटिंग प्रैक्टिस के लिए राइफल खरीदने के लिए घर बेचना पड़ा। इसके बाद, उनका परिवार 15 साल तक किराए के मकान में रहा। गगन ने 1997 में शूटिंग की शुरुआत की और लगातार अभ्यास करते रहे। उन्होंने अपने परिवार को अपनी सफलता का श्रेय दिया है। भारत सरकार ने उन्हें राजीव गांधी खेल रत्न, अर्जुन पुरस्कार और राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार जैसे कई पुरस्कारों से सम्मानित किया है।


© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.