Riteish Deshmukh on Raja Shivaji Budget: रितेश देशमुख की फिल्म ‘राजा शिवाजी’ 1 मई को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और तब से बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त कमाई कर रही है. इस फिल्म में अभिषेक बच्चन, विद्या बालन, संजय दत्त, फरदीन खान और भाग्यश्री ने अहम किरदार में नजर आए. इतना ही नहीं, इस मल्टीस्टारर मूवी में सलमान खान ने एक स्पेशल अपीयरेंस दिया. जहां एक तरफ ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छी कमाई कर रही है वहीं, दूसरी तरफ इसके बजट को लेकर भी काफी चर्चा हो रही है. हाल ही में ‘राजा शिवाजी’ के बजट पर उड़ रही उन अफवाहों पर रितेश देशमुख ने रिएक्शन दिया है, जिनमें दावा किया गया था कि ‘राजा शिवाजी’ 100 करोड़ रुपये के बजट में बनी है.
रितेश देशमुख के डायरेक्शन में बनी ‘राजा शिवाजी’ को रिलीज हुए 8 दिन पूरे हो चुके हैं और इसने अभी तक दुनिया भर में 65 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है. हाल ही में सामने आई मीडिया रिपोर्ट्स में ऐसा दावा किया गया कि राजा शिवाजी का बजट 100 करोड़ है. अब रितेश देशमुख ने इन खबरों पर अपना रिएक्ट करते हुए ऑडियंस से अपील की है कि फिल्म की कहानी पर ध्यान दिया जाए, न कि बजट पर.
राजा शिवाजी के बजट पर बोले रितेश देशमुखहिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए रितेश देशमुख ने फिल्म के बजट को लेकर चल रही अटकलों पर साफ-साफ बात की. उन्होंने कहा, “राजा शिवाजी के बजट को लेकर जो आंकड़े सामने आ रहे हैं, उनके बारे में सिर्फ प्रोड्यूसर्स ही असली बात जानते हैं. फिल्ममेकर्स के तौर पर हमें सबसे आखिर में जिस चीज पर बात करनी चाहिए, वो है फिल्म का बजट, क्योंकि इससे किसी भी चीज पर कोई फर्क नहीं पड़ता.”
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बजट से क्या लेना-देना है?रितेश ने आगे बढ़कर ये सवाल उठाया कि आज के फिल्मी माहौल में बजट इतनी हावी चर्चा का विषय क्यों बन गया है. उन्होंने आगे कहा, “बजट से क्या लेना-देना है? अगर कोई मुझसे बजट पूछता है, तो मैं उनसे पूछता हूं, ‘इसे देखने के लिए आप टिकट के कितने पैसे दे रहे हैं?’ वे कहते हैं, ‘100 रुपये’ या ‘250-300 रुपये’, मैं जवाब देता हूं कि यही बजट है. इसके बारे में बात करना बंद कर देना चाहिए. इसे जादुई रहने दो, आप बस जाओ और फिल्म का अनुभव लो.”
फिल्म देखने का असली मतलबअपने बचपन की यादों को ताजा करते हुए रितेश देशमुख ने याद किया कि बड़े पर्दे पर फिल्म देखने का असली मतलब क्या होता था. उन्होंने याद करते हुए कहा, “जब मैं अपने बचपन में अमिताभ बच्चन जी की फिल्में, जैसे ‘शोले’ देखने जाता था, तो मैं कभी यह नहीं सोचता था कि ‘इसका बजट क्या है?’ मैं तो बस बड़े पर्दे का मनोरंजन चाहता था. इसलिए फिल्मों के बजट पर ध्यान न देते हुए, उसकी कहानी और एंटरटेनमेंट पर फोकस करना चाहिए.”