भारतीय क्रिकेट में सेलेक्शन को लेकर बहस हमेशा से चलती आई हैं. हर नई सीरीज या टूर्नामेंट से पहले ये चर्चा छिड़ जाती है कि किसे चुना जाए और किसे बाहर किया जाए. सेलेक्शन होने के बाद भी ये बहस होती है. मगर इन सब पर भारी पड़ती है कप्तानी की बहस, जो जब भी शुरू होती है तो उस पर काफी गहरे मतभेद नजर आते हैं. फिलहाल भारतीय टी20 टीम की कप्तानी को लेकर ये स्थिति बनी हुई है, जिसके दो बड़े दावेदारों के रूप में श्रेयस अय्यर और संजू सैमसन का नाम सामने आया है. मगर दोनों में से बेहतर कप्तान कौन है?
ये एक ऐसा सवाल है जिसका जवाब हर कोई अपने-अपने तरीके से देने की कोशिश करेगा. दोनों के पक्ष और विपक्ष में कुछ न कुछ तर्क हैं. मगर इसमें सबसे अहम साबित हो सकता है आईपीएल में कप्तान रहते हुए प्रदर्शन. ऐसा इसलिए क्योंकि अय्यर और सैमसन ने लंबे समय तक IPL में कप्तानी की है और दोनों को ठीक-ठाक सफलता मिली है. मगर इस मामले में किसका पलड़ा भारी है? आईपीएल के रिकॉर्ड से ही इसे समझते हैं.
सबसे पहले बात श्रेयस अय्यर की. दाएं हाथ के स्टार बल्लेबाज श्रेयस अय्यर फिलहाल पंजाब किंग्स के कप्तान हैं, जहां उनका ये लगातार दूसरा सीजन है. मगर अय्यर 2018 के बाद से ही लगातार IPL में कप्तानी कर रहे हैं और उन्हें काफी सफलता मिली है. अय्यर ने अभी तक 97 मैच में कप्तानी की है, जिसमें उनकी टीम 54 मैच जीती और 38 हारी है, जबकि 3 मैच बेनतीजा रहे हैं. कुल मिलाकर अय्यर के नाम 58.51 फीसदी जीत का रिकॉर्ड है, जो IPL इतिहास में 50 से ज्यादा मुकाबलों में कप्तानी करने वालों में दूसरा सबसे अच्छा है.
मगर सिर्फ इतना ही नहीं, अय्यर ने कोलकाता नाइट राइडर्स की कप्तानी करते हुए खिताब भी जीता है, जबकि दिल्ली कैपिटल्स और पंजाब किंग्स को फाइनल तक पहुंचाया है. अगर ये काफी नहीं है तो आपको बता दें कि उनकी कप्तानी में मुंबई ने 2024 में सैयद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी का खिताब भी जीता था.

जहां तक संजू सैमसन का सवाल है तो चेन्नई सुपर किंग्स के लिए ओपनिंग कर रहा ये स्टार बल्लेबाज IPL 2026 में कप्तानी से दूर है. मगर संजू ने लगातार 5 सीजन (2021 से 2025) तक राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी की है और टीम को अच्छी खासी सफलता दिलाई है. उनकी कप्तानी में खेले 67 मुकाबलों में से राजस्थान ने 33 मैच जीते, जबकि 32 में उसे शिकस्त मिली. वहीं 1 मैच बेनतीजा रहा था. सैमसन की कप्तानी में राजस्थान ने 2022 के आईपीएल का फाइनल खेला था, जो 2008 के बाद इस फ्रेंचाइजी का पहला फाइनल था. हालांकि टीम को हार का सामना करना पड़ा था.
अब आंकड़े तो यही बताते हैं कि अय्यर बतौर कप्तान बेहतर विकल्प हैं, जिन्होंने खुद को खिताब जीतकर भी साबित किया है. वहीं सैमसन इस मामले में उनसे पीछे हैं. मगर एक बहुत ही अहम पहलू है, जो सैमसन के पक्ष में है. असल में सैमसन पिछले करीब ढाई साल से लगातार टीम इंडिया का हिस्सा हैं और खेल रहे हैं. उन्होंने टीम को टी20 वर्ल्ड चैंपियन बनाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई थी. दूसरी ओर अय्यर पिछले करीब 3 साल से भारतीय टी20 टीम से बाहर हैं, जिसके चलते उनके सामने पहली चुनौती टीम में वापसी करने की है. ऐसे में सैमसन इस आधार पर बाजी मार सकते हैं.