मुरादाबाद क्राइम न्यूज़: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में एक सात वर्षीय बच्चे की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। हसन नाम का यह बच्चा पिछले सात दिनों से लापता था, और उसका शव एक निर्माणाधीन बंगले के गटर में मिला। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और मानवीय संवेदनाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक की मां कुरेशा का हाल बेहाल है, जो बिहार से मुरादाबाद आकर मजदूरी कर रही थी।
हसन की मां का कहना है कि बेटे की मौत एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या है। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि 4 मई को बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन छह दिन बाद पुलिस ने उसका शव खोजा।
इस घटना से इलाके में तनाव का माहौल है। परिजनों ने दोषियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा किया। कुरेशा ने बताया कि हसन उनका इकलौता सहारा था, जिसे वह अपने भाई से गोद लेकर प्यार से पाल रही थी। बच्चे का शव पॉश कॉलोनी के गटर में मिलने से विवाद और व्यक्तिगत रंजिश की बातें सामने आ रही हैं। पीड़ित महिला ने खलील, रईस और नजमा पर हत्या का शक जताया है।
कुरेशा का आरोप है कि इन व्यक्तियों ने पहले भी उन्हें धमकी दी थी। वह पिछले सात महीनों से इस कॉलोनी में काम कर रही थी। महिला का कहना है कि बच्चे की स्थिति से स्पष्ट है कि उसका मर्डर किया गया है। परिजनों का कहना है कि पुलिस को दी गई जानकारी के बावजूद उचित कार्रवाई न होने के कारण उनके बच्चे की जान चली गई।
बच्चे का शव गटर में मिलने के बाद मजदूरों में आक्रोश फैल गया है। मां ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है ताकि मौत के असली कारणों का पता चल सके। निर्माणाधीन बिल्डिंग में सुरक्षा मानकों की कमी और सीसीटीवी न होने पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस अब ठेकेदार और संदिग्धों से पूछताछ करने की तैयारी कर रही है। परिजनों का कहना है कि जब तक उन्हें इंसाफ नहीं मिलता, वे शांत नहीं बैठेंगे।