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पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी लागतसरकार ने बताया कि पश्चिम एशिया में जारी संकट और अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी के कारण घरेलू सिलेंडर के दाम बढ़ाने पड़े हैं। भारत अपनी कुल एलपीजी जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत आयात करता है और इसकी कीमतें सऊदी अरामको द्वारा तय किए जाने वाले सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस (Saudi CP) से जुड़ी होती हैं।
फरवरी में एलपीजी का सऊदी सीपी लगभग 543 डॉलर प्रति टन था, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में व्यवधान के बाद अप्रैल में यह बढ़कर 775 डॉलर प्रति टन पहुंच गया। जून में यह कीमत बढ़कर 790 डॉलर प्रति टन हो गई है।
सरकार उठा रही 700 रुपए प्रति सिलेंडर का बोझ
मंत्रालय के अनुसार, आयात आधारित गणना के हिसाब से 14.2 किलोग्राम के एक सिलेंडर की लागत 1,600 रुपए से अधिक हो गई है, जबकि उपभोक्ता इससे काफी कम कीमत चुका रहे हैं। प्रत्येक घरेलू सिलेंडर पर सरकार लगभग 700 रुपए का बोझ स्वयं वहन कर रही है। उज्ज्वला योजना के तहत लाभार्थियों को साल में पहले चार रिफिल पर 300 रुपए प्रति सिलेंडर की प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) सब्सिडी भी मिलती रहेगी। इस तरह उन्हें प्रभावी रूप से 642 रुपए में सिलेंडर उपलब्ध होगा।
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कमर्शियल सिलेंडर की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़ीमंत्रालय ने बताया कि होटल और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होने वाले 19 किलोग्राम के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार के आधार पर हर महीने तय होती है। फिलहाल दिल्ली में इसकी कीमत 3,113.50 रुपए है, यानी करीब 164 रुपए प्रति किलोग्राम। इसके मुकाबले घरेलू उपभोक्ता ताजा बढ़ोतरी के बाद भी लगभग 66 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से गैस खरीद रहे हैं।
विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना
कर्नाटक सरकार में मंत्री यतीन्द्र सिद्धारमैया ने कहा कि जब कच्चे तेल की कीमतें कम थीं, तब सरकार ने आम लोगों को इसका लाभ नहीं दिया, लेकिन अब अंतरराष्ट्रीय कीमतें बढ़ने पर पूरा बोझ जनता पर डाल दिया गया है। वहीं, कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने कहा कि महंगाई पहले से ही लोगों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है और ऐसे समय में एलपीजी की कीमत बढ़ना मध्यम वर्ग के लिए अतिरिक्त बोझ साबित होगा।
सरकार ने बढ़ाया घरेलू उत्पादन
मंत्रालय के मुताबिक आयात पर निर्भरता कम करने के लिए घरेलू एलपीजी उत्पादन को करीब 32 टीएमटी से बढ़ाकर 52 टीएमटी किया गया है। साथ ही अमेरिका, कनाडा और अल्जीरिया जैसे देशों से भी आपूर्ति के नए स्रोत विकसित किए गए हैं, ताकि पश्चिम एशिया संकट का असर कम किया जा सके। सरकार ने लोगों से ऊर्जा की बचत करने और एलपीजी का विवेकपूर्ण उपयोग करने की अपील भी की है। Edited by : Sudhir Sharma