बोस्टन की डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के जज लियो सोरोकिन द्वारा सोमवार को यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। H-1B वीजा प्रोग्राम का सबसे ज्यादा लाभ भारतीयों को मिलता रहा है। ऐसे में ट्रंप प्रशासन के फीस बढ़ाने के फैसले पर रोक से भारतीयों को राहत मिलेगी।
गौरतलब है कि अमेरिका के H-1B प्रोग्राम के तहत हर साल 65,000 वीजा दिए जाते हैं। सितंबर 2025 में ट्रंप प्रशासन ने H-1B वीजा पाने की लागत कई गुना बढ़ाकर एक लाख डॉलर कर दी थी। इस फैसले को अमेरिकी कांग्रेस ने मंजूरी नहीं दी थी। ALSO READ: होर्मुज स्ट्रेट में फिर बढ़ा तनाव, अमेरिका ने किया ईरानी ड्रोन पर हमला, ईरान ने ट्रंप को दी चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के तहत अमेरिका में इमिग्रेशन नियमों को लगातार सख्त किया जा रहा है। इन्हीं उपायों में से एक वीजा के कड़े नियम और नए H-1B आवेदनों पर फीस बढ़ाना शामिल था। कोर्ट के फैसले के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि ट्रंप इस पर क्या कदम उठाते हैं।
edited by : Nrapendra Gupta