राहुल से मिले सकते हैं कांग्रेस विधायक- कांग्रेस विधायकों को बंगलुरु ले जाया जा रहा है जहां पर उनकी मुलाकात राहुल गांधी से हो सकती है। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी भी आज कर्नाटक में है। वहीं कांग्रेस विधायकों के शिफ्ट करने को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि विधायकों को कांग्रेस शासित राज्य ले जाया जा रहा है। कांग्रेस विधायक अपने घर जा रहे है। उन्होंने कहा कि भाजपा जिस प्रकार से प्रलोभन और लोकतंत्र को खत्म करने की राजनीति कर रही है, वहीं हमारी लड़ाई है। उमंग सिंघार ने दावा किया कि कांग्रेस के सभी 62 विधायक एकजुट है और राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार को उससे ज्यादा वोट मिल सकते है। वहीं कमलनाथ के कर्नाटक आने के सवाल पर नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि कमलनाथ सीधे कर्नाटक आएंगे।
इससे पहले भोपाल एयरपोर्ट पर कांग्रेस विधायकों से मिलने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी पहुंचे। वहीं एयरपोर्ट पहुंचे कांग्रेस विधायकों ने दावा किया है कि पार्टी के निर्देश पर वह लोग जा रहे है और सभी विधायक एकजुट है। वहीं एयरपोर्ट पर कुछ विधायक अपने परिवार के साथ पहुंचे।
राज्यसभा चुनाव के लिए आया ऑफर- वहीं श्योपुर से कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने दावा किया कि उनके पास ऑफर आया है, लेकिन वह बिकाऊ नहीं है। बाबू जंडेल ने कहा कि 2018 में उनके पास 40 करोड़ का ऑफर आय़ा था लेकिन वह कहीं नहीं गए। उन्होंने कहा कि कोई विधायक नहीं जाएगा। इसके साथ बाबू जंडेल ने कहा कि भाजपा ने तीसरा उम्मीदवार खड़ा कर दिया है कि इसलिए उनके पास घूमने का मौका आया। उन्होंने कहा कि उनके पास ऑफर आ रहे है लेकिन वह बिकाऊ नहीं है।
अंतरात्मा की आवाज पर जीतेंगे बीजेपी उम्मीदवार महेश केवट-वहीं कांग्रेस विधायकों की शिफ्टिंग पर मध्यप्रदेश बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और सांसद वीडी शर्मा ने कहा कि शिफ्टिंग करने से कहीं कुछ नहीं होता है। आज देश के अंदर कांग्रेस की हालत ऐसी है कि उनके जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ताओं का कांग्रेस से मोहभंग हो चुका है। कांग्रेस के अंदर हालात यह है कि जो अंतरात्मा की आवाज है और लोगों को लगता है कि उन्हें कुछ करना है तो वह भाजपा के साथ आकर देश के लिए कुछ कर सकते है। कांग्रेस विधायकों की अंतरात्मा की आवाज देश के लिए, सनातन के लिए और मोदी और अमित शाह के शिफ्ट हो चुकी है। इसलिए शिफ्टिंग करने से कुछ नहीं होता है, और अंतरात्मा की आवाज पर भाजपा का तीसरा प्रत्याशी जीतेगा।
कांग्रेस को हार्स ट्रेडिंग का डर-राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस नेताओं ने बीजेपी पर उनके विधायकों से संपर्क करने और प्रलोभन देने के आरोप लगाए। पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बीजेपी कांग्रेस विधायकों को तोडने को कोशिश कर रही है, इसके लिए विधायकों 5-5 करोड़ के ऑफर दिए जा रहे है। वहीं तराना विधायक महेश परमार ने कहा कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से किसी प्रकार का कोई प्रस्ताव नहीं मिला है, लेकिन ऐसी सूचनाएं मिल रही हैं कि बीजेपी कांग्रेस के कुछ विधायकों से संपर्क करने का प्रयास कर रही है।
राज्यसभा चुनाव में ऑपरेशन लोट्स क्यों जरूरी?- राज्यसभा चुनाव के लिए बीजेपी के पास अपने दो उम्मीदवारों को जिताने के लिए पर्याप्त संख्या बल माना जा रहा है। ऐसे में तीसरे उम्मीदवार के रूप में महेश केवट को उतारने के फैसले ने राजनीतिक समीकरणों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। कांग्रेस का दावा है कि भाजपा को तीसरे उम्मीदवार की जीत तभी संभव दिख रही है जब उसे विपक्षी खेमे से अतिरिक्त समर्थन मिले। इसी कारण पार्टी के नेताओं ने ऑपरेशन लोटस की आशंका जतानी शुरू कर दी है।
मध्यप्रदेश विधानसभा में कुल 230 सीटें हैं। जिसमें भाजपा के पास 164 और कांग्रेस के 62 विधायक है। लेकिन दतिया चुनाव शून्य घोषित होने से राजेंद्र भारती मतदान नहीं कर पाएंगे। वहीं विजयपुर सीट से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा के राज्यसभा चुनाव में वोट करने पर कोर्ट से रोक लगी हुई है। वहीं बीना से कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे लगातार खुलकर बीजेपी के साथ है। सामान्य गणित के अनुसार रा्ज्यसभा में किसी उम्मीदवार को जीत के लिए लगभग 58 वोटों की जरूरत पड़ती है। वर्तमान विधानसभा गणित देखें तो भाजपा के पास करीब 164 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के खाते में लगभग 62 विधायक हैं। बीजेपी को दो सीटे जीतने के लिए 58-58 यानी 116 वोट चाहिए। ऐसे में बीजेपी के पास 48 वोट बचेंगे और उसे महेश केवट को जिताने के लिए पार्टी को कम से कम 10 अतिरिक्त वोट चाहिए होंगे और इसके लिए कांग्रेस विधायकों का समर्थन चाहिए होगा।