एपस्टीन को मेरे अफेयर्स की जानकारी थी, ब्लैकमेल करता था… बिल गेट्स का दावा
TV9 Bharatvarsh June 11, 2026 01:43 PM

माइक्रोसॉफ्ट के को फाउंडर बिल गेट्स ने अमेरिकी कांग्रेस की एक कमेटी के सामने पेश हुए. गेट्स ने कहा कि जब वह जेफ्री एपस्टीन के संपर्क में थे, तब उन्हें उसके अपराधों की पूरी जानकारी नहीं थी. गेट्स ने कहा कि वह एपस्टीन से अपनी परोपकारी गतिविधियों और सोशल प्रोजेक्ट्स के लिए फंड जुटाने के मकसद से मिले थे. गेट्स ने बताया कि उन्होंने कभी एपस्टीन को कोई अपराध करते नहीं देखा. लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि एपस्टीन उनके एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स को लेकर ब्लैकमेल कर रहा था.

गेट्स के मुताबिक, एपस्टीन चाहता था कि वे उसके साथ दोबारा संपर्क और कामकाज जारी रखें. उन्होंने कहा कि उनके निजी संबंधों का एपस्टीन के साथ उनके काम से कोई संबंध नहीं था, लेकिन इस वजह से उनके परिवार को काफी तकलीफ हुई. गेट्स का कहना है कि एपस्टीन ने उनके बारे में कई झूठी बातें भी फैलाईं और उन्हीं का सहारा लेकर उन पर दबाव बनाने की कोशिश की.

मार्च में गेट्स को गवाही के लिए बुलाया था

यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट एपस्टीन मामले की जांच कर रही है. गेट्स ने अमेरिकी संसद की हाउस ओवरसाइट एंड गवर्नमेंट रिफॉर्म कमेटी के सामने बंद कमरे में गवाही दी. यह कमेटी एपस्टीन और उसकी सहयोगी घिसलेन मैक्सवेल से जुड़े मामलों में सरकारी लापरवाही की जांच कर रही है. कमेटी के चेयरमैन जेम्स कोमर ने मार्च में गेट्स को व्यक्तिगत रूप से बयान देने के लिए बुलाया था. गेट्स ने अपनी तैयारी के लिए जेक ग्रीनबर्ग की मदद ली, जो पहले इसी कमेटी के मुख्य जांच अधिकारी रह चुके हैं.

2019 में एपस्टीन की हुई थी मौत

एपस्टीन ने 2008 में फ्लोरिडा में वेश्यावृत्ति से जुड़े एक गंभीर मामले में जुर्म कबूला था और 13 महीने जेल में बिताए थे. इसके बाद 2019 में उस पर नाबालिग लड़कियों की सेक्स तस्करी के आरोप लगे. उसने आरोपों से इनकार किया, लेकिन मुकदमा शुरू होने से पहले ही जेल में उसकी मौत हो गई. अधिकारियों ने उसकी मौत को आत्महत्या बताया था.

इस साल जारी अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट के दस्तावेजों से पता चला कि 2008 में जेल से रिहा होने के बाद भी गेट्स और एपस्टीन कई बार मिले थे. दोनों ने गेट्स की परोपकारी योजनाओं को आगे बढ़ाने पर चर्चा की थी. दस्तावेजों में कुछ तस्वीरें भी शामिल थीं, जिनमें गेट्स कुछ महिलाओं के साथ दिखाई दिए, हालांकि उन महिलाओं के चेहरे छिपा दिए गए थे. गेट्स पहले भी कह चुके हैं कि एपस्टीन से मिलना उनकी गलती थी और उनके बीच बातचीत सिर्फ परोपकारी कामों तक सीमित थी.

गेट्स फाउंडेशन भी जांच करा रहा

गेट्स फाउंडेशन के प्रवक्ता के मुताबिक, गेट्स ने फरवरी में कर्मचारियों के साथ हुई एक बैठक में अपने फैसलों की जिम्मेदारी स्वीकार की थी. वहीं फाउंडेशन ने अप्रैल में घोषणा की कि वह एपस्टीन के साथ अपने पुराने संबंधों की स्वतंत्र जांच कराएगा. जनवरी में जारी ईमेल रिकॉर्ड से यह भी सामने आया कि एपस्टीन और फाउंडेशन के कुछ कर्मचारियों के बीच संपर्क था.

जस्टिस डिपार्टमेंट की ओर से जारी लाखों दस्तावेजों से यह भी सामने आया कि एपस्टीन के राजनीति, कारोबार, वित्त और शिक्षा जगत की कई बड़ी हस्तियों से संबंध थे. इनमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम भी शामिल है, जो 1990 और 2000 के दशक में एपस्टीन के साथ सामाजिक कार्यक्रमों में दिखाई देते थे.

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