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ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरान के शीर्ष नेतृत्व स्तर पर वार्ता को मंजूरी मिलने के बाद उन्होंने गुरुवार रात के लिए निर्धारित सभी सैन्य हमलों और बमबारी को रद्द कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि वार्ता के अंतिम बिंदुओं को अमेरिका सहित कई क्षेत्रीय देशों की स्वीकृति मिल चुकी है।
ALSO READ: एथेनॉल वाले पेट्रोल पर टैक्स खत्म! इस बड़े फैसले से क्या पेट्रोल सस्ता होगा, आपकी गाड़ी पर क्या होगा असर?ट्रंप के मुताबिक अमेरिका, इजराइल, सऊदी अरब, यूएई, कतर, तुर्किये, पाकिस्तान, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन और मिस्र समेत कई देशों ने समझौते के मसौदे का समर्थन किया है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि समझौते पर अंतिम हस्ताक्षर होने तक ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी जारी रहेगी।
इससे पहले ट्रंप ने एक तीखी चेतावनी देते हुए कहा था कि अमेरिका ईरान पर 'बहुत जोरदार हमला' करेगा। उन्होंने दावा किया था कि ईरान की नौसेना, वायुसेना, रडार और वायु रक्षा क्षमताओं का बड़ा हिस्सा नष्ट हो चुका है। साथ ही उन्होंने खार्ग द्वीप और अन्य तेल अवसंरचना पर नियंत्रण स्थापित करने की बात भी कही थी।
पेंटागन में एंथ्रेक्स अलर्ट से मची अफरा-तफरी
अमेरिका के रक्षा मुख्यालय पेंटागन में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक खतरनाक पदार्थ (Hazardous Material) का पता लगाने वाले सेंसर ने संभावित खतरे का संकेत दिया। एहतियात के तौर पर पेंटागन के कई हिस्सों को लॉकडाउन कर दिया गया और कुछ मंजिलों तथा गलियारों को खाली करा लिया गया।
शुरुआती जानकारी के अनुसार, भवन के भीतर "खतरनाक पदार्थ से जुड़ी घटना" की आशंका जताई गई थी, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां और स्थानीय दमकल विभाग तुरंत सक्रिय हो गए। हालांकि बाद में जांच में पता चला कि यह अलर्ट गलत था और किसी प्रकार का वास्तविक खतरा मौजूद नहीं था।
सूत्रों के मुताबिक, पेंटागन के सेंसर सिस्टम ने शुरुआत में एंथ्रेक्स (Anthrax) जैसे जैविक तत्व की संभावित मौजूदगी का संकेत दिया था। इसी वजह से इमारत के कुछ हिस्सों को खाली कराया गया। लेकिन बाद में पता चला कि सेंसर सिस्टम में तकनीकी खराबी थी, जिसके कारण यह फॉल्स अलार्म जारी हुआ। Edited by : Sudhir Sharma