रेनॉल्ट भारत में अपने सीएनजी पोर्टफोलियो को नया रूप देने पर काम कर रही है. फिलहाल, क्विड, ट्राइबर और काइगर सीएनजी इंजन ऑप्शन के साथ आती हैं. हालांकि, ये डीलर-स्तर के रेट्रोफिटमेंट किट हैं. जिसके बाद से वाहन निर्माता कंपनी अब इन मॉडलों में बड़े बदलाव लाने पर काम कर रही है. 2027 तक कंपनी तीन नई सीएनजी कार लॉन्च कर सकती है.आने वाली तीन सीएनजी वेरिएंट क्विड, ट्राइबर और काइगर के ही वेरिएंट होंगे. इनमें रेट्रोफिटमेंट किट की बजाय फैक्ट्री-फिटेड सीएनजी सिस्टम लगाया जाएगा. ये वाहन रेनॉल्ट के नए आरजीईपी प्लेटफॉर्म पर बेस्ड होंगे.
नई क्विड सीएनजी आरजीईपी पर बेस्डमौजूदा क्विड CMF-A (कॉमन मॉड्यूल फैमिली – A) प्लेटफॉर्म पर बेस्ड है. यह प्लेटफॉर्म मूल रूप से रेनॉल्ट-निसान द्वारा डेवलप भारत जैसे उभरते बाजारों में छोटी कारों के इस्तेमाल के लिए बनाया गया था. आने वाली क्विड RGEP (रेनॉल्ट ग्रुप एंट्री प्लेटफॉर्म) पर आधारित होगी.यह प्लेटफॉर्म वाहन निर्माता कंपनी को वाहन के निचले हिस्से में CNG सिलेंडर लगाने की सुविधा देगा, जिससे बूट स्पेस में काफी जगह मिल जाएगी.
क्विड के सीएनजी वेरिएंट में भी वही 1.0 लीटर पेट्रोल इंजन इस्तेमाल किया गया है जो रेगुलर कार में है. सीएनजी इंजन केवल पांच-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन के साथ आता है. यह देखना बाकी है कि रेनॉल्ट नई क्विड के सीएनजी वेरिएंट के साथ एएमटी ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन भी देगी या नहीं.
आरजीईपी बेस्ड रेनॉल्ट ट्राइबरट्राइबर मौजूदा मॉडल CMF-A+ प्लेटफॉर्म पर बेस्ड है. कम से कम पांच वेरिएंट अब CNG ऑप्शन के साथ आते हैं – जो मूल रूप से डीलर द्वारा तय किया जाने वाला ऑप्शन है.
यह एमपीवीभी जल्द ही आरजीईपी प्लेटफॉर्म पर बेस्ड होगी और इसका एक सीएनजी वेरिएंट भी लॉन्च किया जाएगा जिसमें अंडरबॉडी सीएनजी टैंक होगा. इसमें मौजूदा ट्राइबर वाला ही 1-लीटर पेट्रोल इंजन लगा होगा. नए मॉडल में अंडरबॉडी सीएनजी टैंक होंगे और बेहतर बूट स्पेस व तीसरी रो में ज्यादा आरामदायक सीटें मिलेंगी. सीएनजी वेरिएंट में ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन का ऑप्शन भी जोड़ा जा सकता है.
रेनॉल्ट किगर आरजीईपी पर बेस्डकिगर रेनॉल्ट की चार मीटर से कम लंबाई वाली एसयूवी कैटेगरी में पहली कार थी. तीन इंजन ऑप्शन के साथ आती है – 1.0 लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल, 1.0 लीटर टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल और सीएनजी. सीएनजी वेरिएंट में नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन का इस्तेमाल किया गया है और यह डीलर-स्तर की कन्वर्जन किट पर उपलब्ध है.
मौजूदा किगर भी CMF-A+ प्लेटफॉर्म पर बेस्ड है. कंपनी की नई प्लानिंग के तहत, इसे RGEP आर्किटेक्चर पर भी अपग्रेड किया जाएगा. किगर के नए CNG वर्जन में अंडरबॉडी टैंक और ज्यादा उपयोगी बूट स्पेस मिलेगा. इसमें CNG-ऑटोमैटिक कॉम्बिनेशन का विकल्प भी हो सकता है, जो मौजूदा मॉडल में उपलब्ध नहीं है.
आरजीईपी प्लेटफॉर्म को पेश कियारेनॉल्ट ने मार्च 2026 में अपने फ्यूचररेडी इवेंट में पहली बार आरजीईपी प्लेटफॉर्म को पेश किया था. कंपनी ने पुष्टि की कि यह प्लेटफॉर्म उसके वर्तमान मास-मार्केट उत्पादों में इस्तेमाल किए जाने वाले सीएमएफ-ए और सीएमएफ-ए+ आर्किटेक्चर की जगह लेगा.व्हीलबेस को अलग-अलग वाहनों के अनुसार समायोजित किया जा सकता है. इससे भी जरूरी बात ये है कि यह प्लेटफॉर्म सीएनजी टैंक को वाहन के निचले हिस्से में लगाने की सुविधा देता है.
रेनॉल्ट एक बड़े सिलेंडर के बजाय दो सिलेंडरों वाली प्रणाली का इस्तेमाल करेगी. वाहन के नीचे लगे दो आपस में जुड़े सिलेंडरों में गैस संग्रहित की जाएगी. इससे बूट स्पेस में काफी जगह बच जाएगी और रेनॉल्ट की मौजूदा सीएनजी लाइनअप की एक बड़ी कमी दूर हो जाएगी.