खाड़ी क्षेत्र में ओमान तट के करीब भारतीय क्रू वाले 3 कमर्शियल जहाजों पर अमेरिकी नौसेना के हमले को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा. इससे पहले कांग्रेस ने भी कल गुरुवार को ओमान तट के पास एक कमर्शियल जहाज पर हुए हमले में 3 भारतीयों की मौत पर दुख जताया और कहा कि इस हत्या पर सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती.
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आज शुक्रवार को भारतीय क्रू वाले 3 कमर्शियल जहाजों पर अमेरिकी नौसेना के हमले की निंदा की. मोदी सरकार पर हमला करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में 3 दिन में 3 जहाजों पर अमेरिकी हमलों में 3 भारतीयों की मौत हो गई. और हमारे Compromised PM? एक शब्द तक नहीं.”
‘… तो प्रधानमंत्री को बोलना पड़ेगा’उन्होंने आगे कहा, “जब कोई विदेशी ताकत किसी भारतीय की हत्या करे, तो प्रधानमंत्री को बोलना पड़ता है. लेकिन मजाल है जो ये एक शब्द बोल जाएं. अगले हफ्ते G7 में, हमारे नाविकों की हत्या के महज चंद दिनों बाद, मोदी जी मुस्कुराएंगे, गले मिलेंगे और समझौते करेंगे- मगर, उन 3 भारतीयों के लिए उनके पास एक शब्द भी नहीं होगा. Compromised PM भारत माता के बेटों की रक्षा नहीं कर सकते, क्योंकि जिन्होंने उन बेटों की जान ली उन्हें नाराज करने की इनमें न हिम्मत है, न ताकत.”
अन्तर्राष्ट्रीय जल में तीन दिन में तीन जहाज़ों पर अमेरिकी हमलों में तीन भारतीयों की मृत्यु हो गई। और हमारे Compromised PM? एक शब्द तक नहीं।
जब कोई विदेशी ताकत किसी भारतीय की हत्या करे, तो प्रधानमंत्री को बोलना पड़ता है। लेकिन मजाल है जो ये एक शब्द बोल जाएं।
अगले हफ्ते G7 में,
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) June 12, 2026
इससे पहले कांग्रेस ने अमेरिकी नौसेना की ओर से किए गए हमले में 3 भारतीय नाविकों की मौत पर दुख जताया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते. पार्टी की ओर से मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि इस मामले में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार को राजनयिक कदम उठाने चाहिए.
खेड़ा ने कहा, “कांग्रेस 3 भारतीय नाविकों की दुखद मृत्यु पर शोक व्यक्त करती है. हम उनके परिवारों और परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट करते हैं. साथ ही इस कठिन समय में उनके साथ एकजुटता से खड़े हैं.” उन्होंने कहा कि कांग्रेस अमेरिका की ओर से की गई उन सैन्य कार्रवाइयों की कड़े शब्दों में निंदा करती है जिन्होंने इस क्षेत्र में आम नागरिकों के जहाजों और समुद्री कर्मियों के जीवन को खतरे में डाल दिया.
उन्होंने आगे कहा, “राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपनी निजी घनिष्ठता को बार-बार एक कूटनीतिक उपलब्धि के रूप में दिखाने वाले पीएम मोदी तब जिम्मेदारी से नहीं बच सकते जब वह संबंध भारतीय नागरिकों के जीवन और हितों की रक्षा करने में नाकाम हो जाएं.” उन्होंने कहा कि हम सरकार से अनुरोध करते हैं कि वह प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता और पर्याप्त मुआवजा प्रदान करे. साथ ही ओमान के तट के पास इसी तरह की विकट परिस्थितियों में फंसे अन्य भारतीयों की सुरक्षा और भलाई भी सुनिश्चित करे.
वहीं भारत ने कमर्शियल जहाजों पर हमलों का कड़ा विरोध करते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कहा कि क्षेत्र में हुए हमलों के कारण उसके कई नागरिकों की मौत हो गई है या वे लापता हैं. संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत हरीश पर्वतनेनी ने कहा कि हमने ईरान और खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष पर गहरी चिंता व्यक्त की है. दूसरी ओर, भारत ने अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी जेसन मीक्स को तलब किया और जहाज पर अमेरिकी हमले को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया.