वेदांता के 5 टुकड़े… क्या अब निवेशकों को नहीं मिलेगा मोटा डिविडेंड?
TV9 Bharatvarsh June 12, 2026 07:43 PM

शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए वेदांता हमेशा से एक खास शेयर रहा है. इसकी सबसे बड़ी वजह है कंपनी की तरफ से मिलने वाला भारी-भरकम डिविडेंड. लेकिन अब इस दिग्गज कंपनी का स्वरूप पूरी तरह बदलने जा रहा है. वेदांता का पांच अलग-अलग कंपनियों में बंटवारा (डीमर्जर) हो रहा है. ऐसे में हर उस आम निवेशक के मन में डर बैठ गया है, जिसने केवल डिविडेंड की उम्मीद में अपनी गाढ़ी कमाई इस शेयर में लगा रखी है. सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस बंटवारे के बाद डिविडेंड की वह बारिश बंद हो जाएगी, जिसके लिए वेदांता बाजार में मशहूर है?

1 शेयर के बदले मिलेंगे 4 नए शेयर

वेदांता के इस डीमर्जर के तहत कंपनी को पांच हिस्सों में बांटा जा रहा है. इसका सीधा गणित यह है कि अगर आपके पास वेदांता का मौजूदा एक शेयर है, तो आपको चार नई कंपनियों का एक-एक शेयर मिलेगा. इन नई कंपनियों में वेदांता एल्युमिनियम मेटल, वेदांता पावर, वेदांता ऑयल एंड गैस तथा वेदांता आयरन एंड स्टील शामिल हैं. इस पूरी प्रक्रिया के लिए रिकॉर्ड डेट 1 मई 2026 तय की गई थी. हालांकि, बाजार बंद होने के चलते शेयर की कीमतों पर इस डीमर्जर का असर 30 अप्रैल को ही देखने को मिल गया था. इस बदलाव के बाद निवेशकों के पोर्टफोलियो में एक की जगह पांच अलग-अलग कंपनियों के शेयर दिखने लगेंगे.

डिविडेंड को लेकर क्यों डरे हैं निवेशक

बाजार में कई कंपनियां हैं, लेकिन वेदांता की पहचान एक ‘डिविडेंड मशीन’ के तौर पर होती है. मौजूदा समय में भी कंपनी का डिविडेंड यील्ड 10 प्रतिशत से ज्यादा है, जो किसी भी सामान्य फिक्स्ड डिपॉजिट के रिटर्न से कहीं अधिक है. इसी साल मार्च 2026 में कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 के लिए प्रति शेयर 11 रुपये का शानदार अंतरिम डिविडेंड घोषित किया था. अब जब यह विशाल कंपनी पांच टुकड़ों में बंट रही है, तो शेयरधारकों को चिंता सता रही है कि कहीं उनके हाथ आने वाली यह नियमित नकद आय हमेशा के लिए कम न हो जाए.

किस कारोबार से होगी बंपर कमाई

मिंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, बंटवारे के बाद वजूद में आने वाली सभी पांचों कंपनियां बिल्कुल स्वतंत्र तरीके से काम करेंगी. हर कंपनी के ऊपर अपना अलग कर्ज होगा, उनकी अपनी निवेश योजनाएं होंगी तथा डिविडेंड बांटने की नीति भी अलग होगी. इसका सीधा मतलब है कि सभी कंपनियों से एक जैसे रिटर्न की उम्मीद नहीं की जा सकती. विशेषज्ञों का मानना है कि जिंक, ऑयल एंड गैस तथा आयरन ओर का बिजनेस शानदार कैश फ्लो जनरेट करता है. इसलिए, इन सेक्टरों में काम करने वाली कंपनियां भविष्य में भी निवेशकों की झोली डिविडेंड से भर सकती हैं. वहीं दूसरी तरफ, एल्युमिनियम, पावर तथा स्टील के कारोबार को आगे बढ़ाने व कर्ज चुकाने के लिए भारी पूंजी की आवश्यकता होगी. ऐसे में ये कंपनियां निकट भविष्य में अपने मुनाफे का बड़ा हिस्सा डिविडेंड में बांटने के बजाय कारोबार विस्तार में लगा सकती हैं.

क्या पूरी तरह बंद हो जाएगा पैसा आना

अगर आप सोच रहे हैं कि डीमर्जर के बाद वेदांता से मिलने वाला डिविडेंड पूरी तरह खत्म हो जाएगा, तो ऐसा बिल्कुल नहीं है. कुल डिविडेंड में अचानक किसी भारी गिरावट की संभावना कम है. हां, इसके मिलने के तरीके में बड़ा बदलाव जरूर आएगा. अब आपको एक ही जगह से भारी-भरकम रकम मिलने के बजाय, पांच अलग-अलग कंपनियों की वित्तीय स्थिति के आधार पर टुकड़ों में डिविडेंड मिलेगा. जिस कंपनी की कमाई अच्छी होगी और कर्ज कम होगा, वह आपको बेहतरीन रिटर्न देगी.

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. TV9 भारतवर्ष अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.

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