
New Delhi, 15 जून . अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दान और चढ़ावे के दुरुपयोग का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है. Supreme Court के अधिवक्ता अनूप अवस्थी ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को पत्र लिखकर राम मंदिर दान और चढ़ावे के दुरुपयोग मामले में स्वत: संज्ञान लेने की मांग की है. वकील अवस्थी ने मांग करते हुए कहा है कि इस मामले में पहले First Information Report दर्ज हो, फिर कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच हो.
पत्र में कहा गया है कि लोगों का विश्वास बनाए रखने के लिए First Information Report दर्ज कर और कोर्ट की निगरानी में जांच के लिए निर्देश जारी किए जाएं.
अनूप अवस्थी ने समाचार एजेंसी से बात करते हुए कहा कि पत्र याचिका में श्री राम जन्मभूमि मंदिर अयोध्या में दान और चढ़ावे के दुरुपयोग से जुड़े आरोपों की Supreme Court की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराए जाने की मांग की गई है. याचिका में यह भी कहा गया है कि लोगों का विश्वास बनाए रखने के लिए First Information Report दर्ज कर और एक स्वतंत्र और कोर्ट की निगरानी में जांच के लिए निर्देश जारी किया जाए.
उन्होंने कहा कि यह मुद्दा लाखों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास से जुड़ा है. इसमें यह भी कहा गया है कि राम मंदिर से संबंधित दान निधि में कथित अनियमितताओं, दुरुपयोग या चोरी की हालिया खबरों ने India और विदेशों में श्रद्धालुओं के बीच चिंता पैदा कर दी है. इसमें यह भी कहा गया है कि उत्तर प्रदेश Government ने एक विशेष जांच दल- एसआईटी का गठन किया है, लेकिन एसआईटी का गठन अपने आप में अपर्याप्त है. जब तक संवैधानिक न्यायालय की देखरेख में जांच नहीं कराई जाती, तब तक श्रद्धालुओं के एक बड़े वर्ग को इसकी निष्पक्षता पर संदेह बना रह सकता है.
अनूप अवस्थी ने कहा कि इससे पहले भी दान का पैसा मिला था, लेकिन कभी इस पर किसी ने कोई प्रश्न नहीं उठाया था, लेकिन अब पूजा शुरू हो जाने के बाद जिस तरह से प्रश्न उठ रहा है और बात सामने आ रही है, उसके आधार पर कहा जा सकता है कि इसमें कुछ लोग शामिल हो सकते हैं. जो लोग राम मंदिर में हैं, उनमें से कई लोगों का बड़ा घर बन गया है, इसकी जानकारी मुझे हुई है. जो व्यवस्था चल रही है, उसमें कोई न कोई बड़े स्तर पर दोषी है.
उन्होंने कहा कि बस मैं यहीं कहना चाहता हूं कि लोगों के बीच कोई ऐसा संदेश न जाए कि कोई कुछ लोगों को बचा रहा है, इसके लिए जांच की जानी चाहिए.
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