Why Does My Eye Twitch Suddenly: अक्सर ऐसा होता है कि अचानक आंख या पलक फड़फड़ाने लगती है. कई लोग इसे शुभ-अशुभ संकेतों से जोड़कर देखते हैं, जबकि कुछ लोग इसे किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत मानते हैं. सच यह है कि ज्यादातर मामलों में आंख फड़कना कोई गंभीर बीमारी नहीं होती, लेकिन अगर यह बार-बार हो रहा है या लंबे समय तक बना रहता है, तो इसके पीछे कुछ मेडिकल कारण भी हो सकते हैं.
क्या होते हैं कारण?
fortishealthcare की एक रिपोर्ट के अनुसार, आंख फड़कना दरअसल आंख, पलकों या आंखों के आसपास की मांसपेशियों की अनैच्छिक गतिविधि होती है. यह कई तरह की हो सकती है. कभी सिर्फ पलक हल्के-हल्के कांपती है, तो कभी आंख के आसपास की मांसपेशियों में बार-बार झटके महसूस होते हैं. कुछ मामलों में यह इतना तेज हो सकता है कि आंख बार-बार बंद होने लगे.
नींद की कमी भी कारण
एक्सपर्ट के अनुसार तनाव और नींद की कमी आंख फड़कने की सबसे आम वजहों में शामिल हैं. जब शरीर को पर्याप्त आराम नहीं मिलता या व्यक्ति मानसिक दबाव में रहता है, तो पलकों की मांसपेशियों में ऐंठन शुरू हो सकती है. इसके अलावा लंबे समय तक मोबाइल, लैपटॉप या अन्य डिजिटल स्क्रीन देखने से आंखों पर दबाव बढ़ता है, जिससे भी यह समस्या हो सकती है.
इसे भी पढ़ेंः Nipah Outbreak in Kerala: केरल में निपाह वायरस की दस्तक, जानें यह कैसे फैलता है और कितना खतरनाक?
ये कारण भी होते हैं शामिल
जरूरत से ज्यादा कॉफी, चाय, एनर्जी ड्रिंक या शराब का सेवन भी आंख फड़कने का कारण बन सकता है. शरीर में मैग्नीशियम और पोटैशियम जैसे जरूरी मिनरल्स की कमी होने पर भी मांसपेशियों में ऐंठन और झटके महसूस हो सकते हैं. वहीं एलर्जी, आंखों में सूखापन या जलन की समस्या भी बार-बार पलक फड़कने की वजह बन सकती है. भारतीय समाज में आंख फड़कने को लेकर कई मान्यताएं प्रचलित हैं. माना जाता है कि महिलाओं की बाईं आंख फड़कना शुभ और दाईं आंख फड़कना अशुभ संकेत हो सकता है. हालांकि इन मान्यताओं का कोई साइंटफिक आधार नहीं है. एक्सपर्ट का कहना है कि आंख फड़कने के पीछे ज्यादातर मामलों में शारीरिक या लाइफस्टाइल से जुड़े कारण होते हैं, न कि भविष्य से जुड़ा कोई संकेत.
इससे बचने के लिए क्या करना चाहिए?
हालांकि अगर आंख फड़कना कई दिनों तक लगातार बना रहे, आंख पूरी तरह बंद होने लगे, चेहरे के अन्य हिस्सों में भी झटके महसूस हों या इसके साथ कोई अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. कुछ रेयर मामलों में यह ब्लेफेरोस्पाज्म, हेमीफेशियल स्पाज्म, मल्टीपल स्क्लेरोसिस या अन्य न्यूरोलॉजिकल समस्याओं से भी जुड़ा हो सकता है. आंख फड़कने से बचने के लिए पर्याप्त नींद लें, तनाव कम करने की कोशिश करें, स्क्रीन टाइम सीमित रखें और संतुलित आहार का सेवन करें. ज्यादातर मामलों में ये छोटी-छोटी आदतें ही समस्या को दूर करने में मदद करती हैं.