योगी सरकार का लक्ष्य गोशालाओं को केवल पशु संरक्षण केंद्र तक सीमित न रखकर उन्हें उत्पादन और रोजगार के केंद्र में बदलना है। गांवों में बनने वाले पंचगव्य क्लस्टरों में देसी गायों से प्राप्त दूध, दही, घी, गोमूत्र और गोबर के आधार पर जैविक कीटनाशक, जैव उर्वरक, औषधियां, धूपबत्ती, साबुन, पेंट तथा अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री तैयार की जाएगी। इन उत्पादों के विपणन की व्यवस्था भी क्लस्टर स्तर पर विकसित की जाएगी।

गो आधारित उद्योगों को मिलेगा संगठित स्वरूप
उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि पंचगव्य क्लस्टर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देने के साथ गो-आधारित उद्योगों को संगठित स्वरूप प्रदान करेंगे। इससे प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की लागत कम होगी। साथ ही गांवों में नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
ऐसे काम करेगा मॉडल
प्रदेश की 7500 गोशालाओं को क्लस्टर से जोड़ा जाएगा और प्रत्येक क्लस्टर में 40 युवाओं की टीम रहेगी। ये टीम उत्पादन से लेकर विभिन्न गतिविधियों की मॉनिटरिंग करेगी। महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हुई महिलाओं की इसमें सक्रिय भागीदारी रहेगी। टीम स्थानीय स्तर पर उत्पादन से लेकर विपणन तक की व्यवस्था संभालेगी। Edited by: Sudhir Sharma