आंध्र प्रदेश और गूगल की साझेदारी, एआई-क्लाउड और डिजिटल गवर्नेंस के लिए बनेगी संयुक्त टास्क फोर्स
Indias News Hindi June 16, 2026 03:43 AM

अमरावती, 15 जून . आंध्र प्रदेश Government और गूगल ने Monday को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल गवर्नेंस सहित कई क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने और नई संभावनाओं को तलाशने के लिए एक विशेष संयुक्त टास्क फोर्स बनाने पर सहमति व्यक्त की.

यह निर्णय सिंगापुर की यात्रा के पहले दिन आंध्र प्रदेश के Chief Minister एन चंद्रबाबू नायडू और गूगल एशिया-पैसिफिक क्षेत्र के अध्यक्ष करण भाटिया के बीच हुई बैठक के दौरान लिया गया.

दोनों पक्षों ने बातचीत के दौरान आंध्र प्रदेश को एआई, डेटा सेंटर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए India के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने के अवसरों पर चर्चा की.

Chief Minister कार्यालय (सीएमओ) के बयान के मुताबिक, Chief Minister ने गूगल को राज्य की डिजिटल गवर्नेंस पहलों में बड़ी भूमिका निभाने के लिए आमंत्रित किया और सार्वजनिक सेवा वितरण को बेहतर बनाने के लिए एआई-आधारित तकनीकों का लाभ उठाने में गूगल क्लाउड से सहयोग मांगा.

Chief Minister ने बताया कि आंध्र प्रदेश का लक्ष्य उन्नत क्लाउड तकनीकों और एआई-संचालित समाधानों के माध्यम से अपने रियल-टाइम गवर्नेंस इकोसिस्टम को मजबूत करना है. उन्होंने गूगल क्‍लाउड के साथ साझेदारी में एआई-स्किलिंग और क्लाउड-सर्टिफिकेशन कार्यक्रमों का विस्तार करने में रुचि व्यक्त की.

उन्होंने गूगल के प्रतिनिधियों को बताया कि राज्य विश्वविद्यालयों और इंजीनियरिंग कॉलेजों में एआई और क्लाउड कंप्यूटिंग केंद्र स्थापित कर रहा है और एक मजबूत इनोवेशन इकोसिस्टम बनाने में गूगल का सहयोग मांगा.

चंद्रबाबू नायडू ने संजीवनी परियोजना के बारे में बात की, जिसका उद्देश्य डिजिटल तकनीकों के माध्यम से सुलभ और कुशल स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है. उन्होंने गूगल को इस परियोजना में भागीदार बनने और अपनी तकनीकी विशेषज्ञता का योगदान करने के लिए आमंत्रित किया.

Chief Minister ने ग्रीन एनर्जी विकास के प्रति आंध्र प्रदेश की प्रतिबद्धता पर भी जोर दिया और कहा कि राज्य डेटा सेंटर और अन्य ऊर्जा-गहन उद्योगों का समर्थन करने के लिए एक टिकाऊ ऊर्जा इकोसिस्टम बना रहा है.

उन्होंने गूगल को नवीकरणीय ऊर्जा और ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में राज्य की महत्वपूर्ण प्रगति के बारे में जानकारी दी.

Chief Minister चंद्रबाबू नायडू ने यूएन-हैबिटेट की कार्यकारी निदेशक एनाक्लॉडिया रॉसबैक से भी मुलाकात की और संगठन को आंध्र प्रदेश में एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया. उन्होंने प्रस्तावित सुविधा के लिए भूमि आवंटित करने की राज्य Government की इच्छा व्यक्त की और यूएन-हैबिटेट के साथ व्यापक साझेदारी विकसित करने में रुचि दिखाई.

यूएन-हैबिटेट के प्रतिनिधियों ने प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी. बातचीत में यूनिवर्सिटीज के बीच सहयोग, शहरी प्लानिंग में सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (एसडीजी) को शामिल करने, प्रोफेशनल नॉलेज-शेयरिंग नेटवर्क और सस्टेनेबल शहरी विकास की पहलों पर चर्चा हुई.

Chief Minister ने आंध्र प्रदेश के शहरी केंद्रों के सस्टेनेबल विकास के लिए यूएन-हैबिटेट से मदद मांगी. बैठक में ‘पार्टिसिपेटरी स्लम अपग्रेडिंग प्रोग्राम’ (पीएसयूपी) को लागू करने, तेजी से बढ़ रहे मध्यम आकार के शहरों के लिए शहरी प्लानिंग फ्रेमवर्क तैयार करने और नए तरीकों से नगर पालिकाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई.

नगर प्रशासन और शहरी विकास मंत्री पी. नारायण ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इन बैठकों में हिस्सा लिया.

एएसएच/डीकेपी

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