फीफा विश्व कप 2026 के सह-आयोजक अमेरिका ने अपने अभियान की शानदार शुरुआत की है। फोलारिन बालोगुन के दो गोल की बदौलत अमेरिका ने पराग्वे को 4-1 से पराजित किया। यह अमेरिका की विश्व कप इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी जीत है। इससे पहले टीम ने इस टूर्नामेंट में कभी तीन से अधिक गोल नहीं किए थे। इतना ही नहीं, अमेरिकी टीम ने पहले हाफ में तीन गोल दागे, जो विश्व कप में उनका नया रिकॉर्ड है।
पराग्वे के लिए एकमात्र गोल मौरीसियो ने 73वें मिनट में किया, लेकिन शुरुआती बढ़त गंवाने के बाद यह दक्षिण अमेरिकी टीम, जो 16 साल बाद विश्व कप में खेल रही थी, मुकाबले में वापसी नहीं कर सकी।
अमेरिकी टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया, हालांकि उनका खाता एक आत्मघाती गोल से खुला। बालोगुन ने 31वें मिनट और पहले हाफ के इंजरी टाइम में गोल दागकर अमेरिका को हाफ टाइम तक 3-0 की बढ़त दिला दी। क्रिश्चियन पुलिसिक ने पहले हाफ में शानदार खेल दिखाया और दो गोल में निर्णायक भूमिका निभाई। जियो रेना ने दूसरे हाफ के इंजरी टाइम में एक और गोल कर स्कोर 4-1 कर दिया। इस तरह अमेरिकी टीम ने विश्व कप मैच में पहली बार चार गोल दागे।
कतर में चार साल पहले खेले गए विश्व कप में अमेरिका ने कुल चार मैचों में केवल तीन गोल किए थे। नए कोच मौरीसियो पोचेटिनो के मार्गदर्शन में अलग अंदाज में खेल रही अमेरिकी टीम ने स्टेडियम में मौजूद 70,492 दर्शकों को अपने खेल से मंत्रमुग्ध कर दिया। पुलिसिक को पहले हाफ के बाद सावधानी के तौर पर मैदान से बाहर ले जाया गया, क्योंकि उनके बाएं पिंडली के पीछे के हिस्से में चोट लगने के बाद कुछ जकड़न महसूस हुई। उनकी जगह सेबेस्टियन बेरहॉल्टर को मैदान में उतारा गया।
पुलिसिक के शानदार खेल की बदौलत सातवें मिनट में डेमियन बोबाडिला ने आत्मघाती गोल किया। एसी मिलान के इस प्रतिभाशाली खिलाड़ी ने सातवें मिनट में दो डिफेंडरों को चकमा देकर वेस्टन मैककेनी को पास दिया, जिनकी शॉट पैराग्वे के मिडफील्डर बोबाडिला के पैरों के बीच से होते हुए गोलपोस्ट में चली गई।
इसके बाद बालोगुन ने 31वें मिनट और पहले हाफ के इंजरी टाइम के पांचवें मिनट में गोल दागे। न्यूयॉर्क में जन्मे और लंदन में पले-बढ़े इस स्ट्राइकर ने अपने पहले विश्व कप मैच में भाग लिया और 1930 के बाद किसी अमेरिकी खिलाड़ी द्वारा टूर्नामेंट में सर्वाधिक गोल करने का रिकॉर्ड बनाया।
बालोगुन ने तीन साल पहले इंग्लैंड की बजाय अमेरिका का प्रतिनिधित्व करने का फैसला किया था। यदि वे इंग्लैंड के लिए खेलना चाहते, तो संभवतः उन्हें टीम में जगह नहीं मिल पाती। लेकिन अब वे अमेरिकी फुटबॉल के नए नायक बन गए हैं।