Main Vaapas Aaunga: कौन है मुजफ्फर अहमदजई, जिसकी एक गोली ने 'धुरंधर' के दानिश पंडोर का काम तमाम कर दिया!
TV9 Bharatvarsh June 16, 2026 11:43 AM

Main Vaapas Aaunga: पिछले हफ्ते सिनेमाघरों में जो फिल्में रिलीज हुईं है, उस लिस्ट में इम्तियाज अली की ‘मैं वापस आऊंगा’ भी शामिल है. फिल्म में नसीरुद्दीन शाह लीड रोल में हैं, जिनकी कहानी को वेदांग रैना और शरवरी वाघ ने दिखाया है. हालांकि, इम्तियाज अली की सबसे ज्यादा तारीफ बनती है, क्योंकि उन्होंने जो कहानी तैयार की है उस सिनेमा के आगे सब फेल है. फिल्म में और भी कई एक्टर्स हैं, जिन्होंने अपना किरदार बखूबी निभाया है. इस लिस्ट में मुजफ्फर अहमदजई का किरदार निभाने वाले मनीष प्रकाश चौधरी का नाम भी शामिल है. जिनका फिल्म में कई बार दानिश पंडोर से आमना-सामना होता है. जी हां, ‘धुरंधर’ में उजैर बलोच बने दानिश पंडोर भी इस पिक्चर का हिस्सा हैं और उन्होंने अफजल का रोल प्ले किया है.

दरअसल इम्तियाज अली की फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ में दानिश पंडोर का ज्यादा रोल नहीं है. फिल्म में जब विभाजन से पहले की कहानी दिखाई जाती है, तो उसमें ही मनीष प्रकाश चौधरी और दानिश पंडोर नजर आते हैं. जहां एक ओर मुजफ्फर अहमदजई यानी मनीष प्रकाश चौधरी अपने सिख दोस्त के परिवार की महिलाओं को बचाने के लिए अपने घर ले आते हैं. तो दूसरी ओर अफजल यानी दानिश पंडोर का बार-बार यही कहना था कि सिख यहां से भारत चले जाए और मुजफ्फर अहमदजई ने मदद की, तो उन्हें भी नुकसान होगा.

कौन है मुजफ्फर अहमदजई?

वेदांग रैना और शरवरी वाघ की ‘मैं वापस आऊंगा’ में मनीष प्रकाश चौधरी ने ही मुजफ्फर अहमदजई का किरदार निभाया है. दरअसल विभाजन से पहले सरगोधा में एक मुस्लिम परिवार दिखा, जिसके सीनियर फैमिली मेंबर का रोल मनीष प्रकाश चौधरी ने किया. जिनकी सिख परिवारों से भी अच्छी दोस्ती दिखाई गई है. एक्टर मनीष प्रकाश चौधरी ने 2003 की फिल्म ‘रूल्स: प्यार का सुपरहिट फॉर्मूला’ से फिल्मों में डेब्यू किया. इसके साथ ही ‘रॉकेट सिंह: सेल्समैन ऑफ द ईयर’ के लिए भी जाने जाते हैं. जिसमें एक्टर ने सुनील पुरी का किरदार निभाया. वहीं, एक्टर को 2021 की वेब-सीरीज ‘आर्या’ और ‘द बास्टर्ड्स ऑफ बॉलीवुड’ में भी देखा गया था. ‘कर्तव्य’, ‘चांद मेरा दिल’, ‘किंगडम’, ‘बाटला हाउस’ और ‘आप जैसा कोई’ समेत कई फिल्मों का हिस्सा रहे हैं.

दानिश पंडोर और मनीष प्रकाश चौधरी

दानिश का काम तमाम कर दिया!

विभाजन के बाद जब नसीरुद्दीन शाह के किरदार को अपने परिवार के साथ भारत भागना पड़ा. तो उस वक्त उनके घर की महिलाओं को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी मुजफ्फर अहमदजई ने उठाई थी. लेकिन अफजल यानी दानिश पंडोर के किरदार की वजह से महिलाओं के साथ बहुत अत्याचार हुआ. साथ ही सभी महिलाएं मारी गईं, जिसके बाद मुजफ्फर अहमदजई यानी मनीष प्रकाश चौधरी ने फिल्म में दानिश पंडोर पर गोली चलाई और उस किरदार को खत्म कर दिया.

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