सुर्खियां बटोरने वाली NCPI कौनसी पार्टी है? कभी नहीं लड़ा लोकसभा चुनाव लेकिन अब 22 सांसद
एबीपी लाइव June 16, 2026 02:12 PM

पश्चिम बंगाल समेत आज देशभर में एक पार्टी की काफी चर्चा हो रही है. इस पार्टी का नाम है, नेशनलिस्ट सिटिजन पार्टी. यह ऐसी पार्टी है, जिसने कभी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा, लेकिन उसके पास 22 सांसद हैं. इस कमाल के पीछे हैं, पश्चिम बंगाल के टीएमसी के वो बागी सांसद, जिन्होंने लोकसभा स्पीकर में एनडीए को समर्थन देने और अलग बैठने की मांग करते हुए, पत्र सौंपा है. 

ऐसे में हम आपको नेशनलिस्ट सिटिजन पार्टी यानी NCPI से जुड़ी जानकारी साझा कर रहे हैं. इस पार्टी की स्थापना और इतिहास देखें तो 2022 में इसे स्थापित किया गया. हालांकि, इस पार्टी की पब्लिसटी बेहद ही कम है. इस पार्टी ने 2023 में त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में सिर्फ तीन जगह की सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे. इस पार्टी के प्रमुख शेवली कुंडी, जो अध्यक्ष हैं. इसके अति कुंडू उपाध्यक्ष हैं, साथ ही मुख्य नेताओं में शामिल हैं. इसके संगठन सचिव शांतनु डे हैं. 

इस पार्टी ने साल 2023 में त्रिपुरा का चुनाव लड़ा  था. इस चुनाव में बहुत कम वोट मिले थे. इनमें उदाहरण के तौर पर चावामानु में 536 वोट, कैलाशहर में 286 वोट मिले. पश्चिम बंगाल में इस पार्टी ने कभी चुनाव नहीं लड़ा, लेकिन अब 22 सांसदों की पार्टी हो चुकी है. 

कहां है पार्टी का हेडक्वार्टर
अगर इस पार्टी के हेडक्वार्टर की बात करें, तो इसका मुख्यालय पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के गांव हाट गाछा में एक साधरण सी इमारत में हैं. यहीं से पार्टी का सारा कामकाज होता है. इसमें करीबन 1 हजार से ज्यादा लोग सदस्य हैं. 2026 में पार्टी असम और बंगाल चुनाव लड़ने की योजना बना चुकी थी, लेकिन आर्थिक समस्याओं के चलते चुनाव नहीं लड़ पाई. 

Amarnath Yatra 2026 को लेकर महबूबा मुफ्ती का बयान, कहा-मुसलमानों के लिए नफरत...

पार्टी के पास कुल कितनी जमा पूंजी

इससे पहले वित्तीय स्थिति की बात करें, तो 31 मार्च 2023 के अनुसार पार्टी के पास संपत्ति के नाम पर कुल 1,13,075 रुपए है. अंत में जनरल फंड में 425 रुपये की कमी है. सिर्फ 75 रुपये कैश बैलेंस बचा है. यह पार्टी जागो बिस्वा नाम के ई अखबार और सामाजिक ट्रस्ट से जुड़ी हुई है. पश्चिम बंगाल असंगठित महिला कर्मी एसोसिएशन नाम से गैर लाभकारी संगठन चलाती है. बीजेपी की हालिया बंगाल जीत का जश्न मनाया था. 

22 सांसदों के शामिल होने का किया विरोध

हाल ही में टीएमसी के बागी सांसदों को शामिल करने का फैसला लिया है. ऐसे में अब इसके संगठन सचिव शांचनु डे विरोध कर रहे हैं. उनका मानना है कि इन बागी नेताओं का नाम भ्रष्टाचार से जैसै मामलों में शामिल हो चुका है. 

US-ईरान के बीच हुए शांति समझौते पर CM उमर अब्दुल्ला बोले, 'कुछ हद तक पाकिस्तान को...'

© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.